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अब रिटेल स्टोर्स पर भी मिलेगा पेट्रोल-डीजल, मोदी सरकार ला सकती है नई पॉलिसी

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केंद्र की मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में काफी तेजी से बड़े फैसले लेने की तैयारी में लग रही है. जी हां, और इसी कड़ी में अब शामिल हो गया है एक ऐसा फैसला जिसके लागू होने के बाद आपको गाड़ी में पेट्रोल-डीज़ल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप के चक्कर नहीं काटना पड़ेंगे.

जी हां, दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार विमर्श कर रही है जिसके मुताबिक जहां आप फुटकर सामान खरीद रहे हों, वहीं आपको पेट्रोल-डीजल भी मिल जाए. बता दें कि बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय एक कैबिनेट प्रस्ताव तैयार करने जा रहा है. इसके तहत कंपनियों फुटकर कारोबार में उतरने का मौका मिल सकता है.

मालूम हो कि वर्तमान नियमों मुताबिक तेल के खुदरा कारोबार में उतरने के लिए कंपनी के पास घरेलू बाजार में बुनियादी ढांचा निवेश के लिए 2,000 करोड़ रुपये होने चाहिए या उसे 30 लाख टन कच्चे तेल की खरीद के लिए जरूरी राशि के बराबर की बैंक गारंटी देनी होगी.

बता दें कि खबर ये भी आ रही है कि सरकार इन नियमों को और आसान कर सकती है. अब अगर ऐसा होता है तो फ्यूचर समूह और वॉलमार्ट जैसी मल्टी ब्रांड रिटेल कंपनियां पेट्रोल- डीजल भी बेचने लगेंगी.

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यहां आपको बता दें कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने पिछले वर्ष यानी अक्टूबर 2018 में फ्यूल रिटेल से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए एक्सपर्ट कमिटी का गठन किया था. दरअसल इस एक्सपर्ट कमिटी का गठन फ्यूल रिटेल मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए किया गया था.

जानिए क्या है ये नया प्लान

मालूम हो कि नियम आसान होने पर सऊदी अरामको जैसी दिग्गज इंटरनेशनल कंपनियों को भारत में रिटेल कारोबार में उतरने का मौका मिल जाएगा.

आपको बता दें कि अरामको भारत के खुदरा ईंधन कारोबार में अपना इंट्रेस्ट दिखा चुकी है. दरअसल, ब्रिटेन जैसे देशों में पहले से ही रिटेल में डीजल-पेट्रोल की बिक्री शुरु है. ये योजना वहां काफी सफल है.

दरअसल उसी को देखकर भारत में सुपर मार्केट में डीजल-पेट्रोल की बिक्री करने का आइडिया आया है.

मालूम हो कि ब्रिटेन की संस्था पेट्रोल रिटेलर्स एसोसिएशन यानी कि पीआरए के एक अनुमान के मुताबिक अप्रैल में देश में पेट्रोल की कुल बिक्री में सुपरमार्केट की हिस्सेदारी करीब 49% थी और डीजल की बिक्री में उसका 43% योगदान रहा. बता दें कि वहां टेस्को, सेंसबरी, एस्डा और मॉरीसन ईंधन बेच रही हैं.

दरअसल भारत में इसकी मांग पहले से ही की जाती रही है. हालांकि अब जाकर कोई सरकार इस य़ोजना पर काम शुरु कर ही है.

आपको बता दें कि इससे ईंधन की पहुंच आम लोगों तक आसान हो जाएगी. वैसे ये शायद कम लोगों को पता हो कि पुणे में तो एक साल पहले ही घर-घर डीजल की आपूर्ति शुरु की गई थी.

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