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घर बैठे ही शुरू करें ये खास नए जमाने की खेती, हर महीने होगी लाखों रुपए की कमाई

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बिल्कुल ही अलग किस्म की खेती से अच्छी इनकम कमानी हो तो हम आपके लिए एक कमाल का आइडिया लेकर के आएं हैं. जी हां, दरअसल उत्तराखंड के देहरादून में रहने वाली आशिया अपने घर पर रहकर ही मोती की खेती कर रही है. इस खेती से वह 4 लाख रुपए से ज्यादा सालाना की कमाई कर रही हैं. आपको बता दें कि इस तरह की खेती के लिए सरकार लोन भी देती है. साथ ही, कई सरकारी संस्थाएं इसकी ट्रेनिंग भी कराती है.

बता दें कि मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है. दरअसल इसके लिए आपको 500 वर्गफीट का तालाब बनाना होगा. तालाब में आप 100 सीप पालकर मोती उत्‍पादन शुरू कर सकते हैं.

मालूम हो कि प्रत्‍येक सीप की बाजार में कीमत 15 से 25 रुपए होती है. बता दें कि इसके लिए आपको स्‍ट्रक्‍चर सेट-अप पर खर्च होंगे 10 से 12 हजार रुपए, वाटर ट्रीटमेंट पर 1000 रुपए और 1000 रुपए के आपको इंस्‍ट्रयूमेंट्स खरीदने होंगे.

चलिए जानते हैं मोती की खेती के बारे में…

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(1) कितनी होगी कमाई

आपको बता दें कि खेती शुरू करने के 20 महीने बाद एक सीप से एक मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है. बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है.

इस हिसाब से अगर एक मोती की औसत कीमत आप 800 रुपए भी मानते हैं तो इस अवधि में 80,000 रुपए तक कमा सकते हैं. इसी तरह अगर 2000 सीप पालते हैं तो इस पर खर्च करीब 2 लाख रुपए आएगा. इस हिसाब से आप 15 से 20 महीने की फसल पर हर महीने आप 1 लाख रुपए तक कमा सकते हैं. हालांकि इसके लिए मोती बेहतर क्‍वालिटी के होने चाहिए.

(2) बीज को यहां से लें

मालूम हो कि आपको इस खेती के लिए प्रशिक्षण की जरूरत होती है जो भारत सरकार के द्वारा कराया जाता है. फिर प्रशिक्षण के बाद आपको सरकारी संस्‍थानों या मछुआरों से सीप खरीदने होंगे. मालूम हो कि सीपों को खुले पानी में दो दिन के लिए छोड़ा जाता हे. इससे उनके उपर का कवच और मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं. हालांकि ये ध्यान रखे कि सीपों को ज्‍यादा देर तक पानी से बाहर नहीं रखना चाहिए.

बता दें कि मांशपेशियां ढीली होने के बाद सीपों की सर्जरी कर उनकी सतह पर 2 से 3 एमएम का छेद करके उसमें रेत का एक छोटा कण डाला जाता है. यह रेत का कण जब सीप को चुभता है तो वह उस पर अपने अंदर से निकलने वाला पदार्थ छोड़ना शुरू कर देता है.

फिर इसके बाद सीपों को नायलॉन के बैग में रखकर तालाब में बांस या पीवीसी के पाईप के सहारे छोड़ दिया जाता है. 15 से 20 महीने बाद सीप में मोती तैयार हो जाता है आप उसका कवच तोड़कर मोती निकाल सकते हैं.

(3) सरकार देती है ट्रेनिंग

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंडियन काउंसिल फॉर एग्रीकल्‍चर रिसर्च के तहत एक नए विंग सीफा यानि सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्‍वाकल्‍चर इसके लिए निशुल्‍क ट्रेनिंग कराती है. यह 15 दिनों की ट्रेनिंग होती है, जिसमें सर्जरी समेत सभी कुछ सिखाया जाता है.

(4) यहां से मिलेगा लोन

आपको बता दें कि मोती की खेती का यदि आपके पास प्रशिक्षण है तो इसे बड़े स्‍तर पर शुरू करने के लिए आप लोन भी ले सकते हैं. इसके लिए नाबार्ड और अन्‍य कमर्शियल बैंक आपको 15 सालों के लिए सिंपल इंटरेस्‍ट पर लोन उपलब्‍ध कराते हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से इस पर सब्सिडी भी दी जाती है।

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