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इन राज्य के किसानों को नहीं मिल पा रहा है PM किसान सम्मान निधि स्कीम का लाभ, सरकारें नहीं लेने दे रही फायदा

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जब से प्रधानमंत्री निधि स्कीम आई तब से किसान खुश हैं। ऐसा देखा गया है कि कुछ राज्यों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम का लाभ लोग जमकर उठा रहे हैं. लेकिन, अभी तक दिल्ली, सिक्किम, पश्चिम बंगाल और लक्षद्वीप के एक भी किसान को इसका फायदा नहीं मिल सका है.

दरअसल केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने एक प्राइवेट न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि ये सरकारें जान बूझकर किसान सम्मान निधि के लिए सूची भेज नहीं रही हैं. जिसकी वजह से इन राज्यों के किसानों को 6000 रुपये नहीं मिल रहे हैं. इसका जवाब उन्हें जनता देगी.

उन्होंने कहा कि कुछ राज्य सरकारें इस स्कीम में सहयोग न करके किसानों के साथ धोखा कर रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि खेती-किसानी के लिए किसानों को छह-छह हजार रुपये मिल जाते तो दिल्ली और पश्चिम बंगाल सरकार का क्या बिगड़ जाता.

दरअसल चौधरी का कहना है कि किसानों को 6000 रुपये का लाभ न देने का ही परिणाम है कि विधानसभा चुनाव में जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनी थी उसी में लोकसभा चुनाव में जनता के प्रचंड समर्थन के साथ बीजेपी ने सारी सीटें जीत ली हैं. इसके पीछे कारण ये है कि कांग्रेस सरकारों ने किसानों के साथ धोखा किया. किसानों का कर्जा माफ नहीं किया.

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किसानों को लाभ से वंचित कर रही हैं कुछ सरकारें: चौधरी

आपको बता दें कि इस समय इन 4 राज्यों को अगर छोड़ दें तो अब तक देश के 3.43 करोड़ किसानों ने इसका लाभ उठाया है. दरअसल कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र का काम पैसा भेजना है और किसानों का ब्योरा पीएम-किसान पोर्टल पर अपलोड करना राज्यों का काम है. जो राज्य ब्योरा नहीं भेज रहे हैं उन्हें पैसा नहीं जा पा रहा.

मालूम हो कि दिल्ली और पश्चिम बंगाल के किसान इससे वंचित हैं तो इसकी वजह इन राज्यों की सरकारें ही हैं. बता दें कि बीजेपी प्रवक्ता राजीव जेटली का इस विषय पर कहना है कि कुछ राज्यों की अपनी वजहें हो सकती हैं लेकिन दिल्ली और पश्चिम बंगाल की सरकारें तो अपनी जिद की वजह से किसानों को इस कल्याणकारी योजना का लाभ लेने से वंचित कर रही हैं.

कांग्रेस शासित राज्यों का ये है हाल

अगर हम कांग्रेस शासित प्रदेशों की बात करें तो इस योजना का सबसे कम लाभ जोकि सिर्फ 12,673 का है , वो मध्य प्रदेश के किसानों को मिला है. बता दें कि यहां कमलनाथ की सरकार है. वहीं राजस्थान में सिर्फ 1,21,314 किसानों को लाभ मिला है. यहां भी मतदाताओं ने लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया है.

इनके अलावा छत्तीसगढ़ में 1,13,574 किसानों ने फायदा उठाया है. जबकि जेडीएस-कर्नाटक शासित कर्नाटक में 3,20,906 किसान लाभान्वित हुए हैं. हालांकि पंजाब भी कांग्रेस शासित राज्य है लेकिन यहां 11,84,871 किसान इसका फायदा उठा चुके हैं. यही कारण है कि लोकसभा चुनाव में यहां कांग्रेस मजबूत रही है और उसे 8 सीटें मिली हैं.

मोदी सरकार का किसानों पर है खास फोकस

आपको बता दें कि एक तरफ कुछ राज्य अपने किसानों को इस योजना से वंचित कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार ने इसका विस्तार करते हुए देश के सभी 14.5 करोड़ अन्नदाताओं के लिए इसको लागू कर दिया है. आपको याद हो कि 24 फरवरी को जब गोरखपुर में इसकी शुरुआत की गई थी तो यह सिर्फ लघु एवं सीमांत किसानों के लिए ही लागू की गई थी. जिसके तहत 12 करोड़ किसान कवर हो रहे थे.

दरअसल केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि, हमारी कोशिश यही है कि हर किसान को खेती-किसानी के लिए सालाना 6 हजार रुपये का सहयोग मिले. इसके लिए हर संभव प्रयास से बाधाओं को दूर किया जाएगा.

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