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मोदी सरकार के इस कदम से किसानों को 15 दिन में मिलेगा किसान क्रेडिट कार्ड

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मोदी सरकार ने अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करते ही इस बात के संकेत दे दिए हैं कि इस बार सरकार का फोकस किसानों पर बहुत ज्यादा रहने वाला है. ऐसे में किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें सस्ती दर पर कर्ज मुहैया कराने के लिए सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है.

जी हां, दरअसल सरकार की कोशिश है कि हर किसान के पास केसीसी यानी किसान क्रेडिट कार्ड हो, ताकि समय-समय पर वह खेती वगैरह के लिए अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सके.

आपको बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने बैंकों को नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे पात्र किसानों के पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन प्राप्त करने के दो हफ़्तों के अंदर किसान क्रेडिट कार्ड यानी कि केसीसी जारी करें.

जानकारी के लिए बता दें कि मौजूदा समय में, 6.95 करोड़ केसीसी चल रहे हैं, जिसके तहत फसलों के ऋण सब्सिडी प्राप्त ब्याज दर पर दिए जाते हैं. मालूम हो कि केसीसी का विस्तार पशुपालन और मत्स्य गतिविधियों में शामिल किसानों के लिए भी किया गया है.

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आपको बता दें कि कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव डॉली चक्रवर्ती ने बैंकों को लिखे पत्र में कहा कि, “अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जिनके पास संस्थागत ऋण तक पहुंच नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें केसीसी जारी नहीं किया गया है या पहले जारी किए गए केसीसी डिफ़ॉल्ट / गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के अलावा विभिन्न कारणों से निष्क्रिय थे. यही कारण है कि सरकार ने केसीसी के तहत किसानों को संतृप्त करने का एक अभियान शुरू करने का फैसला किया है.”

अब तुरंत खाता खोला जाएगा

मालूम हो कि सरकार द्वारा निर्देशों में यह साफ कहा गया है कि केसीसी के लिए एप्लीकेशन इकट्ठा करने के लिए बैंक गांवों में शिविर लगाएं. दरअसल केसीसी को उस शाखा से समयबद्ध तरीके से जारी करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां किसान का पहले से ही खाता है. इसके अलावा अगर किसी पात्र किसान का कोई बैंक खाता नहीं है, तो उसे उसकी पसंद की किसी भी नजदीकी शाखा में तुरंत खोला जाएगा.

कम ब्याज पर मिलता है कर्ज

बता दें कि साधारणतः कृषि ऋण पर 9 % की ब्याज दर लगती है. हालांकि सरकार किसानों को 7 % प्रति वर्ष की प्रभावी दर पर 3 लाख रुपये तक का अल्पकालिक कृषि ऋण प्राप्त करने के लिए 2 % ब्याज सब्सिडी प्रदान कर रही है. इसके अलावा किसानों को तय तारीख के अंदर ऋणों के पुनर्भुगतान के लिए 3 % का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है, जिससे ब्याज दर केवल 4 % रह जाती है.

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