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पाकिस्तान पर मंडरा रहा है दिवालिया होने का ख़तरा, खाने से लेकर कर्ज चुकाने तक के नहीं है पैसे, हो चुका है कंगाल

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पड़ोसी देश पाकिस्तान इन दिनों बेहद ही खराब दौर से गुजर रहा है और आर्थिक तंगी ने पाक आवाम की कमर तोड़ दी है. उसके पास कर्ज चुकाने तक के पैसे नहीं हैं. सरकारी खजाना खाली है और खुद पाक पीएम ने माना है कि वह कंगाल हो रहे हैं.

दरअसल हालात इतने बदतर हैं महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है. ऐसे में पाकिस्तानी सरकार के पास आवाम पर आर्थिक बोझ डालने के अलावा कुछ नहीं बचा है. जी हां, और इसका इशारा भी इमरान खान सरकार ने दे दिया है. दरअसल, पाकिस्तान का कर्ज 10 साल में 6 अबर पाकिस्तानी रुपए से बढ़कर 30 हजार अरब रुपए तक पहुंच गया है.

कर्ज चुकाने के पैसे नहीं

आपको बता दें कि पाकिस्तान इतना कंगाल हो चुका है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने खुद कहा है कि हमारे पास कर्ज की किस्त चुकाने के लिए डॉलर नहीं बचे हैं. दरअसल पाकिस्तान पर दिवालिया होने का खतरा है.

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यहां, बता दें कि पाकिस्तान ने IMF से 6 अरब डॉलर का कर्ज ले रखा है. कर्ज की शर्तों के तहत पाकिस्तान को कर राजस्व बढ़ाने समेत कई शर्तों को मानना पड़ा है.

30 जून का है अल्टीमेटम

आपको बता दें कि राष्ट्र के संबोधन में इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान में टैक्स कलेक्शन से सालाना 4 हजार अरब रुपए सरकारी खजाने में आता है. लेकिन, आधी रकम सिर्फ कर्ज की किस्त भरने में जा रही है. जो रकम बचती है उसमें मुल्क का खर्चा नहीं चलाया जा सकता.

इसके साथ ही इमरान खान ने पाकिस्तानियों से 30 जून तक बेनामी संपत्ति और खातों का खुलासा करने की चेतावनी दी है. उन्होंने बोला कि खुलासा नहीं करने वाले की संपत्ति जब्त कर ली जाएगी. इमरान खान ने कहा अगर आप टैक्स नहीं देते तो देश को आगे ले जाना बेहद मुश्किल है. 30 जून के बाद यह मौका नहीं दिया जाएगा.

विकास दर पहुंची 9 साल के निचले स्तर पर

आपको बता दें कि इमरान खान सरकार के पहले आर्थिक सर्वे में देश की आर्थिक तस्वीर सामने आई है. जी हां, दरअसल पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर गिरकर 3.3 % पहुंच गई है, जो पिछले 9 सालों में सबसे निचला स्तर है. यह सालाना लक्ष्य 6.2% का आधा है. क्योंकि, कृषि और उद्योग में विकास नकारात्मक रहा है.

इसके अलावा एक साल पहले पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 315 अरब डॉलर की थी, जो अब घटकर 280 डॉलर पर पहुंच गई है. बता दें कि आने वाले वित्तीय वर्ष में भी हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं.

प्रति व्यक्ति आय में आई गिरावट, रुपया हुआ सबसे कमजोर

जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति आय भी 1,652 डॉलर के घटकर 1,497.3 डॉलर (प्रति वर्ष) पर आ गई है. बता दें कि पाकिस्तान के आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि पाकिस्तान 100 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज वापस करने की स्थिति में नहीं है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के निचले स्तर पर है. बता दें कि 1 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया 152 के स्तर पर पहुंच गया है.

खाना-पीना हुआ बेहद महंगा

आर्थिक रूप से बेहद ही कमजोर पाकिस्तान में महंगाई भी अपने चरम पर है. दरअसल डॉलर के मुकाबले कमजोर होते पाकिस्‍तानी रुपये की वजह से पाकिस्‍तान में महंगाई दर पिछले 5 साल के शीर्ष पर है. बता दें कि पाकिस्तान में दूध के दाम 180 रुपए प्रति लीटर है. सेब 400 रुपये किलो, संतरे 360 रुपये और केले 150 रुपये दर्जन बिक रहे हैं.

इतना ही नहीं, पड़ोसी मुल्क में मटन 1100 रुपये किलो तक पहुंच गया है. मई में प्याज 40%, टमाटर 19% और मूंग की दाल 13% ज्यादा महंगे हुए हैं. वहीं गुड़, शक्कर, मछली, मसाले, घी, चावल, आटा, तेल, चाय, गेंहू की कीमतों में भी 10% का इजाफा देखने को मिला है.

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