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बोले श्रम व रोजगार मंत्रालय सचिव- बाल मजदूरी को खत्म करना है मुमकिन, बस हो नियमों का सही से पालन

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भारत में वर्तमान समय में मौजूद कई दिक्कतों में से एक बाल मजदूरी भी है जिसको खत्म करने के लिए नियम और कानून तो हैं, लेकिन उनका सख्ती से पालन नहीं होता है। हालांकि अगर लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए और कानून का सही तरीके से पालन हो, तो देश से बाल मजदूरी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।

जी हां, दरअसल यह बात बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर श्रम व रोजगार मंत्रालय के सचिव हीरालाल समारिया ने कही। मालूम हो कि उन्होंने कहा कि, देश में बाल श्रम रोधी और नियामक कानून है, पेंसिल पोर्टल है, इसके बावजूद अब भी बच्चे खेतों में, कांच की फैक्ट्री में,कार्पेट बनाने के कारखानों में और घरों में काम कर रहे हैं।

दरअसल इसका मतलब यह है कि जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। कहीं न कहीं कानून का पालन करने में चूक हो रही है। ऐसे में लोगों के बीच जागरूकता होना काफी अहम है ताकि इस समस्या का जड़ से समाधान निकल सके।

देश में हैं 1 करोड़ बाल मजदूर

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में 5 से 14 वर्ष की उम्र के 1.01 करोड़ बच्चे बाल मजदूरी करते हैं। हालांकि 2001 के मुकाबले यह आंकड़ा कुछ कम हुआ है, लेकिन यह संतोषजनक नहीं है।

दरअसल साल 2001 में 1.26 करोड़ बच्चे मजदूरी करते थे। बता दें कि हीरालाल समारिया ने सिविल सोसायटी के सदस्यों, कार्यकारी संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों और आम जनता से भी अनुरोध किया कि वे आगे आएं और बच्चों से मजदूरी करवाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में सरकार की मदद करें।

इसके अलावा उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि अगर ट्रैफिक सिग्नलों, दुकानों और घरों में उन्हें बच्चे काम करते हुए दिखें तो उन्हें स्कूल जाने के लिए प्ररित करें।

आप पेंसिल पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं शिकायत

शिकायत दर्ज कराने के संबंध में श्रम व रोजगार मंत्रालय की संयुक्त सचिव कल्पना राजसिंघोत का कहना है कि, पेंसिल पोर्टल यानी कि Platform for Effective Enforcement for No Child Labour Portal पर आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

खास बात यह है कि शिकायतकर्ता की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। दरअसल उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराता है तो यह सीधे-सीधे उस क्षेत्र के डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर के पास पहुंचती है। इसके बाद अधिकारी जल्द से जल्द उस पर एक्शन लेते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक इस पोर्टल पर 900 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।

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