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पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम है पैसा दोगुना करने वाली स्कीम, जानिए इसके बारें में

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पोस्ट ऑफिस की यूं तो कई अच्छी बचत योजनाएं हैं लेकिन उन सभी योजनाओं में किसान विकास पत्र या केवीपी काफी प्रचलित योजना है। दरअसल इस योजना में पैसा लगाने पर दोगुना हो जाता है। बता दें कि अभी केवीपी में 7.7 फीसदी (कंपाउंडिड वार्षिक) ब्‍याज मिल रहा है।

बता दें कि अगर किसी कारणवश पैसों की जरूरत पड़े तो इसमें निवेश किया गया पैसा बीच में भी निकाला जा सकता है। हालांकि किसान विकास पत्र में जमा पैसा कम से कम ढाई साल बाद ही पूरा निकाला जा सकता है।

एक तरह का बांड है केवीपी

आपको बता दें कि किसान विकास पत्र दरअसल एक प्रकार का भारत सरकार का बांड हैं। मालूम हो कि यह आपको प्रमाणपत्र के रूप में जारी किया जाता है। आजकल यह प्रमाणपत्र के अलावा ऑनलाइन खरीदना संभव हो गया है।

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बता दें कि यह सुविधा 1 अप्रैल 2016 से मिलनी शुरू हो गई है। मालूम हो कि किसान विकास पत्र या केवीपी का 1000 रुपये का प्रमाणपत्र मिलता है। इसके अलावा अगर इससे ज्यादा निवेश करना हो तो इसे 1000 रुपये के गुणांक में खरीदना होगा।

इतने दिनों में दोगुना हो जाता है पैसा

मालूम हो कि किसान विकास पत्र या केवीपी में निवेश पर 7.7 % (कंपाउंडिड वार्षिक) ब्‍याज मिल रहा है। जी हां, दरअसल इस ब्‍याज दर के हिसाब से किसान विकास पत्र या केवीपी में जमा पैसा 112 महीने यानी 9 साल और 4 महीने में दोगुना हो जाता है। बता दें कि केवीपी में अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। दरअसल लोग जितना चाहें उतना पैसा इसमें लगा सकते हैं।

बच्चों के नाम भी खरीद सकते हैं

आपको बता दें कि केवीपी कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर या अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी इसे खरीद सकता है। इसे संयुक्त रूप से या ज्वाइंट नेम से भी खरीद सकते हैं। इसके अलावा किसान विकास पत्र या केवीपी में लोग नॉमिनी भी कर सकते हैं। मालूम हो कि नॉमिनी वह व्यक्ति होता है, जिसे खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में किसान विकास पत्र या केवीपी में निवेश की गई धनराशि ब्याज के साथ दी जाती है।

ट्रांसफर भी हो सकता है

मालूम हो कि अगर किसी को लगता है कि वह अपना केवीपी दूसरे को देना चाहता है तो ऐसा करना संभव है। जी हां, दरअसल इसके लिए आपको जिस पोस्ट ऑफिस से इसे खरीदा है वहां जाकर एक आवेदन देना होगा। आपको बता दें कि इसके बाद आपका केवीपी दूसरे के नाम पर हो जाएगा।

मालूम हो कि केवीपी में बाद में जरूरत पड़ने पर निवास स्थान का पता या अन्य जरूरी जानकारी में बदलावा कराया जा सकता है। बता दें कि इसके अलावा किसान विकास पत्र यानी केवीपी को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर भी कराया जा सकता है।

किसानी विकास पत्र खरीदने का ये है सही तरीका

आपको बता दें कि किसान विकास पत्र यानी केवीपी में कितना भी निवेश किया जा सकता है। हालांकि अगर ज्यादा पैसों का निवेश करना है तो बेहतर होगा कि इनको कम-कम पैसों का खरीदा जाए। अगर आपको बीच में जरूरत पड़ेगी तो इनको कैश करना आसान रहेगा।

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