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किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मोदी सरकार ने अब ई-मंडी को लेकर उठाया ये बड़ा कदम

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मोदी सरकार अपने नए कार्यकाल के प्रारंभ से ही किसानों पर खासा ध्यान दे रही है. यही कारण है कि किसानों की आमदनी डबल करने को लेकर सरकार तेजी कदम उठा रही है. इस कड़ी में मोदी सरकार किसानों को फसल का सही दाम दिलाने के लिए ई-मंडी का दायरा बढ़ाने पर काम कर रही है.

जी हां, दरअसल प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ई- मंडियों से राज्यों की बीच आसानी से कारोबार हो सके इसके लिए सभी मंडियों को तेजी से आपस में जोड़ने का काम चल रहा है . बता दें कि ट्रेडर्स अब खरीदारी से पहले कमोडिटीज़ की क्लालिटी चैक कर सके इसके लिए सरकार ने देश की सभी मंडियों में क्वालिटी चैक लैब बनाने का भी फैसला किया है.

मालूम हो कि मंगलवार को कृषि क्षेत्र से जुड़े बड़े विशेषज्ञ और किसान संगठनों ने बजट को लेकर कई सुझाव दिए है. दरअसल सरकार मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में फूड प्रोसेसिंग और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस कर रही है.

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किसानों की आमदनी बढ़ाने का नया प्लान तैयार

दरअसल मोदी सरकार देश में ई-मंडियों का दायरा बढ़ाने जा रही है.

मालूम हो कि देश में फिलहाल ई-मंडियों की संख्या 585 है.

आपको बता दें कि सरकार 200 नई ई-मंडिया और शुरू करेगी.

आपको बता दें कि देश में साल के अंत तक इनकी संख्या बढ़कर 785 होगी.

दरअसल सरकार देश की सभी मंडी में लैब स्थापित करेगी.

मालूम हो कि लैब स्थापित करने के लिए कृषि मंत्रालय हर मंडी को 3 लाख रुपये देगा.

बता दें कि इन लैब्स में खरीदारी से पहले क्वालिटी टैस्ट होगा.

मालूम हो कि इसके बाद किसानों को सर्टिफिकेट मिलेगा

दरअसल अभी 125 कमोडिटीज़ का ई-मंडी के जरिए ट्रेडिंग होती है.

मालूम हो कि साल के अंत तक सरकार ने 16 राज्यों और 2 केंद्र शासित राज्यों की मंडिया जोड़ने की योजना बनाई है.

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पूर्व सलाहकार समिति की बैठक में कृषि विशेषज्ञों ने कृषि उपजों और डेयरी उत्पादों पर जीएसटी घटाकर 5 % करने के अलावा कृषि सहकारी समितियों को कर मुक्त रखने की सिफारिश की है. बता दें कि सीतारमण आगामी 5 जुलाई को आम बजट पेश करेंगी.

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