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अगर आपको पैसे की जरूरत है तो बैंकों से कम ब्याज पर बिना किसी गारंटी के मिल जाएगा लोन, जानिए कैसे

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ये तो हम सब जानते हैं कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी कि PPF टैक्‍स सेविंग के मामले में निवेश का एक अच्‍छा विकल्‍प बनकर उभरा है. इसकी खास बात यह है कि इसमें आपके द्वारा जमा किया अमाउंट तो टैक्‍स फ्री होता ही है, साथ ही ब्‍याज और मैच्‍योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद मिलने वाली रकम भी टैक्‍स फ्री होती है.

एक और बात जो इसको सबसे अलग बनाती है वो ये कि अगर आपको पैसों की जरूरत है और आपके पास लोन लेने के लिए कोई गारंटी नहीं है तो PPF इस मामले में आपके बहुत काम आ सकता है. जी हां, दरअसल इसमें लोन की ब्याज दर बैंकों से कम होती है. बता दें कि PPF में सालाना 500 रुपये के न्‍यूनतम निवेश से लेकर 1.5 लाख रुपये तक का अधिकतम निवेश किया जा सकता है.

PPF पर लोन लेने के ये हैं मुख्य फायदे

सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं है

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इसमें लोन चुकाने के लिए 36 माह की मोहलत मिलती है

बता दें कि 36 माह की अवधि, जिस महीने में आपका लोन पास हुआ है उसके अगले माह से गिनी जाती है.

मालूम हो कि लोन के लिए ब्‍याज दर PPF पर मिल रहे ब्‍याज से केवल 2 % ज्‍यादा होती है, जो बैंकों की पर्सनल लोन ब्याज दर से कम है. फिलहाल PPF पर ब्याज दर 8 % है.

यही नहीं इसके अलावा लोन लेते वक्त जो ब्याज दर तय होती है वो लोन की अवधि पूरे होने तक वही दर बरकरार रहती है, फिर भले ही ब्याज दर कम या ज्यादा की जाए.

लोन की ये हैं कुछ शर्तें

शर्तों की बात की जाए तो बता दें कि PPF पर लोन अकाउंट खुलने के बाद तीसरे और छठे वित्त वर्ष के बीच में ले सकते हैं. मतलब यह कि लोन लेने के लिए आपके अकांउट के दो वित्‍त वर्ष पूरे होना जरूरी हे.

वहीं जहां तक PPF से विदड्रॉल कर सकने की बात है तो बता दें कि यह अकाउंट खुलने के बाद 7वें फाइनेंशियल ईयर से शुरू होता है.

मालूम हो कि लोन की लिमिट दूसरे वित्‍त वर्ष के आखिर में मौजूद PPF बैलेंस के 25 % से ज्‍यादा नहीं हो सकती.

बता दें कि अकाउंट से विदड्रॉल शुरू होने के बाद आप PPF पर लोन नहीं ले सकते.

इसके अलावा पहला लोन चुका देने के बाद ही आप PPF पर दूसरा लोन ले सकते हैं.

मालूम हो कि आपको पहले लोन का प्रिन्सिपल अमाउंट यानी मूलधन चुकाना होता है, उसके बाद ब्याज. ब्याज को दो मंथली इंस्टॉलमेंट या उससे कम में भी चुकाया जा सकता है.

आपको यह भी बता दें कि प्रिन्सिपल अमाउंट को दो या उससे ज्यादा इंस्टॉलमेंट या मंथली इंस्टॉलमेंट में चुकाया जा सकता है.

इन बिंदुओं का रखें ध्यान

बता दें कि अगर 36 माह में आप लोन नहीं चुका पाते हैं तो आपको PPF पर मिल रहे ब्‍याज से 6 % ज्‍यादा ब्‍याज देना होगा.

वहीं अगर आपने तय समय के अंदर लोन का प्रिन्सिपल अमाउंट चुका दिया है लेकिन ब्याज का कुछ हिस्सा बाकी है तो वह आपके PPF अकाउंट से काटा जाता है.

मालूम हो कि इस लोन के लिए आपके PPF अकाउंट का चालू रहना भी बेहद आवश्यक है. मतलब ये कि इसमें हर साल होने वाला न्‍यूनतम निवेश जारी रहना चाहिए.

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