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मोदी सरकार के एक फैसले से कंगाल हुआ पाकिस्तान, लगा करोड़ों का झटका, जानिए क्या है मामला

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पाकिस्तान से भारत में होने वाले आयात में काफी कमी देखने को मिली है. दरअसल यह भारत के कड़े रुख की वजह से है. आपको बता दें कि पाकिस्तान से भारत में आयात इस साल मार्च में 92 % घटकर सिर्फ 28.4 लाख डॉलर का रहा.

जी हां, दरअसल पुलवामा आतंकी हमले के बाद इस साल 16 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी आर्थिक कार्रवाई करते हुए भारत ने पड़ोसी देश से आयातित सभी वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 200 % कर दिया था. बता दें कि इसकी वजह से पाकिस्तान से होने वाले आयात में भारी कमी आई है. इन वस्तुओं में कपास, ताजा फल, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पादन तथा खनिज शामिल हैं.

मालूम हो कि कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक पड़ोसी देश पाकिस्तान से पिछले साल मार्च में करीब 3.46 करोड़ डॉलर का आयात हुआ था. वहीं इस साल मार्च में कुल 28.4 लाख डॉलर में से 11.9 लाख डॉलर का कपास आयात किया गया.

आपको बता दें कि पड़ोसी देश से मार्च महीने में मुख्य रूप से जो जिंस आयात किये गये, उसमें प्लास्टिक, बुने कपड़े, परिधान के सामाल, कपड़ा, मसाला, रसायन आदि शामिल हैं. दरअसल वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान पाकिस्तान से आयात 47 % घटकर 5.36 करोड़ डॉलर रहा.

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हालांकि ऐसा नहीं है कि दोनों देशों के बीच बुरे संबंधों से सिर्फ पाकिस्तान के कारोबारी प्रभावित हुए हैं, जी हां, दरअसल इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ा है. आपको बता दें कि मार्च में भारतीय निर्यात भी करीब 32 % घटकर 17.13 करोड़ डॉलर रहा. हालांकि पूरे वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान निर्यात 7.4 % बढ़कर 200 करोड़ डॉलर रहा.

बता दें कि भारत से निर्यात किये जाने वाले जिंसों में जैविक रसायन, कपास, परमाणु रिएक्टर, बॉयलर, प्लास्टिक उत्पाद, अनाज, चीनी, कॉफी, चाय, लौह और स्टील के सामाल तथा तांबा आदि शामिल हैं.

दरअसल विशेषज्ञों की मानें तो कुछ घरेलू विनिर्माता निर्यातक पाकिस्तान से उत्पादों खासकर कच्चे माल के आयात के लिये अग्रिम अनुज्ञप्ति योजना यानी कि एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत शून्य आयात शुल्क का लाभ ले सकते हैं.

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