1 अप्रैल 2020 से सड़कों से गायब हो जाएंगे पुराने वाहन, सरकार की ये है योजना

0 18

सड़क पर चलते पुराने वाहन पर्यावरण को बेहद नुकसान पहुंचाते हैं ऐसे में सरकार ने इन पुराने वाहनों को हटाने के लिए एक पॉलिसी बनाई है जिसके तहत अगले साल की 1 अप्रैल 2020 से देश की सड़कों पर पुराने वाहनों को किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा।

Loading...

Loading...

जी हां, दरअसल इसके लिए सरकार 2018 में लाई गई वाहन कबाड़ नीति को और आकर्षक बनाया जा रहा है। बता दें कि यह संकेत हाल ही में एक इंटरव्यू में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिए हैं। दरअसल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय ने वाहन कबाड़ नीति के लिए कुछ आवश्यक सुझाव भेजे हैं। बता दें कि इस नीति का मकसद 1 अप्रैल 2020 से पुराने वाहनों को अनिवार्य रूप से कबाड़ में बदलने का रास्ता साफ करना है।

जानिए क्या है वाहन कबाड़ नीति

जानकारी के लिए बता दें कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने साल 2018 में वाहन कबाड़ नीति का प्रस्ताव बनाया था। जी हां, दरअसल इस कबाड़ नीति को मार्च 2018 में प्रधानमंत्री कार्यालय यानी कि पीएमओ ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी।

दरअसल इस नीति का मकसद 20 साल या इससे अधिक पुराने कॉमर्शियल वाहनों को सड़क से हटाना था। इस नीति के प्रस्तावों की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि इससे वाहन प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी।

पुराने वाहन देकर नए वाहन खरीदने पर मिलेगा फायदा

आपको बता दें कि इस वाहन कबाड़ नीति में यह प्रावधान किया गया है कि पुराने कॉमर्शियल वाहनों के जो मालिक अपने वाहनों को देकर नए वाहन खरीदेंगे, उन्हें आर्थिक रूप से फायदा मिलेगा। दरअसल वाहन कबाड़ नीति में कहा गया है कि 15 साल से ज्यादा पुराने कॉमर्शियल लौटाने वालों को कम से कम 15 लाख रुपए तक के नए कॉमर्शियल वाहन खरीदने पर करीब 5 लाख रुपए तक की छूट दी जाएगी।

वाहन कबाड़ नीति लागू होने से सड़कों से हटेंगे 2.80 करोड़ वाहन

आपको बता दें कि सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने इस नीति को स्वैच्छिक वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण कार्यक्रम यानी कि वी-वीएमपी के तहत पेश किया है। दरअसल इस नीति को पेश करते समय गडकरी ने कहा था कि इसके लागू होने का बाद करीब 2.8 करोड़ वाहन सड़कों से हट जाएंगे।

दरअसल इससे वाहन उद्योग में भी 22 % की बढ़ोतरी होगी। आपको याद दिला दें कि गडकरी ने कहा था कि इससे 10 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा। बता दें कि इस नीति में 31 मार्च 2005 से पहले खरीदे गए वाहनों को सड़कों से हटाने का प्रस्ताव है।

महिंद्रा के संग की है पार्टनरशिप

आपको बता दें कि देश की बड़ी वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा ने सरकारी कंपनी एमएसटीसी के साथ मिलकर पिछले साल पुराने वाहन खरीदने का काम शुरू किया था। जी हां, दरअसल इसके लिए दोनों कंपनियों ने CERO नाम से नई कंपनी का गठन किया है।

मालूम हो कि इस कंपनी के तहत पुराने वाहने खरीदने के लिए पहला प्लांट ग्रेटर नोएडा में लगाया गया है। दरअसल इस योजना के तहत CERO आपके घर से पुराने वाहन को ले जाएगी और इसके बदले में आपको वाहन की कीमत भी दी जाएगी। मालूम हो कि CERO इन पुराने वाहनों से स्क्रैप बनाएगी। बता दें कि पुराने वाहन की कीमत उसकी उम्र और हालात के आधार पर तय की जाएगी।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.