Loading...

मोदी सरकार दे रही है गैस सिलेंडर की एजेंसी खोलने का सुनहरा मौका, 10वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई, जानिए तरीका

0 64

मोदी सरकार की वापसी होते ही मोदी के मंत्री काम पर लग गए हैं. दरअसल इस बार मोदी सरकार का प्लान ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मुहिया कराना है. मालूम हो कि देश की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) की अगले एक साल में 5000 नए गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स नियुक्त करने की योजना है.

बता दें कि केंद्र सरकार ने हाल में 2000 नए लाइसेंस जारी किए है. इसके अलावा अभी कुछ दिनों पहले ही सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम 1.76 रुपये बढ़ गए हैं.

ऐसे में अगर आप भी गैस एजेंसी लेने के लिए इच्छुक है तो आपको पहले से पूरी तैयारी करनी होगी. जी हां, यही कारण है कि हम आपको नियम, शर्तों और प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रहे है.

इन राज्यों में बांटे जाएंगे नए लाइसेंस

Loading...

मालूम हो कि गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स का लाइसेंस मिलने के बाद गैस एजेंसी को चालू करने में साधारणतः एक साल का समय लग जाता है. बता दें कि इसमें तमाम स्थानीय प्रशासनिक मंजूरियां लेने के साथ ही साथ ऑफि‍स और गोदाम निर्माण भी शामिल है. मालूम हो कि नए डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स विशेषकर उत्‍तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और महाराष्‍ट्र में बनाए जाएंगे, क्‍योंकि इन्‍हीं राज्‍यों में उपभोक्‍ताओं की संख्‍या सबसे ज्‍यादा बढ़ी है.

डीलरशिप के लिए यूं करें तैयारी

आपको बता दें कि LPG डीलरशिप हासिल करने की बेहद कड़े नियम और शर्तें हैं. जी हां, दरअसल ऐसे में जरूरी है कि इस साल जब गैस कंपनियां डीलरशिप के लिए आवेदन आमंत्रित करें तो आपके पास तैयारी पूरी होनी चाहिए.

स्टेप-1

मालूम हो कि देश की तीनों सरकारी कंपनियां इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस समय-समय पर नए डीलर बनाने के लिए आवेदन आमंत्रित करती हैं. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की राजीव गांधी ग्रामीण एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन योजना यानी कि आरजीजीएलवी के तहत भी आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं. बता दें कि इसमें गैस कंपनियां एजेंसी और गोदाम की जमीन के लिए कंपनियां वार्ड, मुहल्‍ला या निश्चित स्‍थान विज्ञापन या नोटिफिकेशन में बताती हैं.

बता दें कि एप्‍लीकेशन भेजने के बाद एक निर्धारित तिथि पर कैंडिडेट का इंटरव्‍यू किया जाता है. जी हां, दरअसल इसमें विभिन्‍न आधार पर नंबर दिए जाते हैं. दरअसल इन्‍हीं नंबरों के विभिन्‍न पैरामीटर्स आधार पर कैंडिडेट का इवैल्‍युएशन किया जाता है. मालूम हो कि इसका रिजल्‍ट नोटिसबोर्ड पर सभी पैरामीटर्स पर प्राप्‍त अंकों के आधार पर किया जाता है.

स्टेप-2

आपको बता दें कि मैरिट में अंकों के प्रदर्शित होने के बाद गैस कंपनी का एक पैनल सभी कैंडिडेट की दी गई डिटेल के संबंध में फील्‍ड वैरिफिकेशन करता है. जी हां, दरअसल इसमें जमीन से लेकर सभी अन्‍य बातों की गहन पड़ताल की जाती है.

फिर इसके बाद ही गैस एजेंसी अलॉट की जाती है. दरअसल इसके लिए कैंडिडेट को एक तय समय सीमा दी जाती है. बता दें कि इसके भीतर ही उसे गैस एजेंसी शुरू करनी होती है.

ये है जरूरी शर्तें

आपको बता दें कि गैस एजेंसी या डीलरशिप लेने के लिए सबसे जरूरी शर्त पर्मानेंट एड्रेस और जमीन की होती है. दरअसल कैंडिडेट के पास पर्मानेंट रेजिडेंस एड्रेस होना चाहिए. यही नहीं इसके अलावा उसके पास गैस एजेंसी ऑफिस और गोदाम के लिए पर्याप्‍त जमीन या स्‍थान भी होना चाहिए.

बता दें कि जमीन किस मुहल्‍ले, वार्ड या स्‍थान पर होनी चाहिए, इसकी जानकारी विज्ञापन में दी जाती है. योग्यता की बात करें तो कैंडिडेट 10वीं पास अवश्‍य होना चाहिए और साथ उसकी उम्र 21 साल होनी चाहिए. बता दें कि इसके साथ ही आपके पास बैंक बैलेंस और डिपॉजिट राशि भी होनी चाहिए.

जानिए किन लोगों को मिलता है रिजर्वेशन

मालूम हो कि गैस एजेंसी के लिए सरकार द्वारा तय मानकों के आधार पर रिजर्वेशन दिया जाता है. जी हां, दरअसल 50 % रिजर्वेशन सामान्‍य श्रेणी के लिए होता है. वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों के साथ ही सामाजिक रूप से अक्षम लोगों, भूतपूर्व सैनिक, स्‍वतंत्रता सेनानी, खिलाड़ी, सशस्‍त्र बल, पुलिस या सरकारी कर्मचारियों को भी आरक्षण दिया जाता है.

जमीन और डिस्ट्रिब्‍यूशन चैनल है जरूरी

आपको बता दें कि गैस एजेंसी हासिल करने के लिए सबसे जरूरी यह है कि आपके पास पर्याप्‍त जमीन और सिलेंडर डिलिवरी के लिए पर्याप्‍त स्‍टाफ होना चाहिए. दरअसल गोदाम के लिए गैस कंपनी निर्धारित मानक तय करती है. मालूम हो कि सभी गोदाम का आकार, उसमें सुरक्षा के इंतजाम आदि इसी पर आधारित होते हैं.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.