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पाकिस्तान की हालत हुई खराब, पहली बार रक्षा बजट में कटौती, देश का खजाना खाली होने की कगार पर

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पाकिस्तान की शुरू से ही दिक्कत यह रही है कि उसने सदैव अपने आप को भारत से बराबर समझा है और इसी चक्कर में सालों उसने अपना नुकसान कराया लेकिन लग रहा है कि पाकिस्तान को अब जाकर अपनी गलती का अहसास हो गया है.

दरअसल पाकिस्तान ने अब तक केवल भारत की बराबरी करने के चक्कर में देश की अर्थव्यवस्था को दांव पर लगा दिया था. जिस वजह से आज पाकिस्तान की आर्थिक सेहत बिल्कुल बिगड़ चुकी है. हालांकि अब इमरान खान देश को उबारने में जुटे हैं. इसी कड़ी में पाकिस्तान की सेना ने अपने रक्षा बजट में कटौती का फैसला किया है, जिसकी इमरान खान तारीफ कर रहे हैं.

आपको बता दें कि पाकिस्तानी सेना का कहना है कि वह एक साल के लिए अपने बजट में स्वैच्छिक कटौती कर रही है. हालांकि उसने यह भी कहा कि बजट में उसकी यह कटौती सुरक्षा की कीमत पर नहीं की जा रही है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार का कहना है कि रक्षा बजट में कटौती से बचे धन का इस्तेमाल बलूचिस्तान के कबीलाई इलाके के विकास में किया जाएगा. मालूम हो कि पाकिस्तान में आगामी 11 जून को आम बजट पेश होना है.

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दरअसल केवल भारत से मुकाबले के लिए पाकिस्तान हर साल कुल बजट का एक बड़ा हिस्सा रक्षा बजट के रूप में दे देता था. हालांकि ऐसा पहली बार हुआ है जब पाकिस्तानी सेना की पहल पर इस बार रक्षा बजट में कटौती की गई है. मालूम हो कि इस कदम पर पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि, ‘रक्षा बजट में कटौती से पड़ने वाले प्रभाव को सेना निजी संसाधनों से अपने स्तर पर दूर करेगी. इसके लिए उपयुक्त क़दम उठाए जाएंगे.’

बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान साल 2018 में रक्षा बजट पर 80 हजार करोड़ रुपये खर्च करने वाला दुनिया का 20वां देश था. दरअसल साल 2018 के आंकड़ो के अनुसार पिछले एक दशक में पाकिस्तान का कर्ज 28 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है.

स्कॉटहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में पाकिस्तान का कुल सैन्य खर्च 11.4 अरब डॉलर था. ये खर्च पाकिस्तान की कुल GDP के 4 फीसदी के बराबर है. पाकिस्तान पर कर्ज और उसकी GDP का अनुपात 70 फीसदी तक पहुंच गया है.

दरअसल अगर स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट की मानें तो भारत का रक्षा बजट 2018 में 3.1 % बढ़कर 66.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि इस दौरान पाकिस्तान का रक्षा बजट 11 % के जोरदार इजाफे के साथ 11.4 अरब डॉलर हो गया. वर्ष 2018 में भारत का सैन्य खर्च करीब 66.5 अरब डॉलर रहा था. इस मामले में 649 अरब डॉलर के साथ अमरीका पहले पायदान पर है.

बता दें कि फरवरी 2019 में भारत सरकार ने अंतरिम बजट में रक्षा बजट में 3,18,847 करोड़ रुपये आवंटित किए. पिछले बजट के मुकाबले इसमें 8 % की बढ़ोतरी की गई थी. वहीं रक्षा बजट अगर जीडीपी के अनुपात में देखा जा, तो अब तक का सबसे कम यानी कि सिर्फ 1.4 % है।

पाकिस्तान का खजाना खत्म होने की कगार पर

आपको बता दें कि साल 2018 में पाकिस्तान की आर्थिक विकास दर 5.2 % थी, जो इस साल घटकर 3.4 % पर आ गई है. जी हां, दरअसल हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने कहा था कि पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की हालत अभी और बिगड़ेगी, और वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान उसकी GDP में विकास दर गिरकर 2.7 % ही रह जाएगी. बता दें कि वर्ल्ड बैंक ने यह भी चेताया है कि वित्त वर्ष 2020 में महंगाई बढ़कर 13.5 % तक पहुंच सकती है.

इसके अलावा पाकिस्‍तानी जनता महंगाई की मार से भी परेशान है. दरअसल मार्च में महंगाई दर बढ़कर 9.41 % पर पहुंच गई, जो नवंबर 2013 के बाद से सबसे अधिक है. आपको बता दें कि IMF की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान का खजाना खत्‍म होने के कगार पर है

दरअसल स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट यानी कि SIPRI ने अपनी सालाना रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 के दौरान सैन्य साजो सामान पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले 5 देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, सऊदी अरब, भारत और फ्रांस शामिल हैं.

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