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आरटीजीएस और एनईएफटी पर अब नहीं लगेगा कोई चार्ज, ATM शुल्क में भी होगा बदलाव, जानिए

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मोदी सरकार के आने से डिजिटल इंडिया को काफी प्रोत्साहन मिला है और यही कारण है कि ई-ट्रांजेक्शन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आरबीआई ने एक बड़ा फैसला किया है। जी हां, दरअसल आरबीआई ने अब रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट सिस्टम यानी कि आरटीजीएस एवं नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर यानी एनईएफटी पर बैंकों से कोई चार्ज नहीं लेने का फैसला किया है।

मालूम हो कि गुरुवार को आरबीआई की तरफ से लिए गए इस फैसले से अगले सप्ताह से आरटीजीएस एवं एनईएफटी के माध्यम से होने वाले लेन-देन पर ग्राहकों को कोई चार्ज नहीं देना होगा। बता दें कि आरबीआई की तरफ से बताया गया कि एक हफ्ते के भीतर बैंकों को इस संबंध में नोटिस जारी कर दिए जाएंगे। मालूम हो कि आरबीआई के अनुसार बैंकों को कहा जाएगा कि वह ग्राहकों से एनईएफटी एवं आरटीजीएस के बदले कोई चार्ज नहीं लें।

जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल आरबीआई आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली के जरिये हुये लेनदेन के लिए बैंकों से शुल्क लेता है जिसके बदले बैंक ग्राहकों से इसके लिए शुल्क वसूलते हैं। दरअसल नेटबैंकिंग के जरिये ऑनलाइन लेनदेन तीन तरीके से किया जाता है।

आपको बता दें कि आरटीजीएस और एनईएफटी के अलावा आईएमपीएस यानी तत्काल भुगतान सेवा की भी एक प्रणाली है जिसका शुल्क एनईएफटी से ज्यादा होता है। दरअसल आरबीआई की तरफ से जारी बयान में आईएमपीएस के बारे में कुछ नहीं कहा गया है।

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मालूम हो कि आरटीजीएस सिर्फ दो लाख रुपये या उससे ज्यादा की राशि के लेनदेन के लिए इस्तेमाल होता है जबकि आईएमपीएस का इस्तेमाल सिर्फ दो लाख रुपये तक के लेनदेन के लिए हो सकता है।

जानिए अभी क्या लगता है एनईएफटी करने पर चार्ज

10,000/ तक पर – 2.50 रुपए का चार्ज

10,001 से 1 लाख प र 5.00 रुपए चार्ज

1 लाख से अधिक और 2 लाख तक पर 15.00 रुपए चार्ज

2 लाख से अधिक पर 25.00 रुपए

आरटीजीएस पर ये लगता है चार्ज

2 लाख से 5 लाख पर 25.00+applicable time variable charges (maximum 30.00)

5 लाख से ऊपर पर 50.00+applicable time variable charges (maximum 55.00)

एटीएम चार्ज में भी आएगी कमी

बता दें कि आरबीआई ने कहा है कि ग्राहकों की तरफ से एटीएम का इस्तेमाल में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यही कारण है कि ग्राहकों की तरफ से एटीएम इस्तेमाल के बदले लगने वाले शुल्क में बदलाव की लगातार मांग हो रही है। मालूम हो कि इस मसले को सुलझाने के लिए आरबीआई ने एक कमेटी गठित करने का फैसला किया है।

बता दें कि इस कमेटी में सभी स्टेकहोल्डर्स होंगे। मालूम हो कि कमेटी के चेयरमैन इंडियन बैंक एसोसिएशन के चेयरमैन होंगे। दरअसल कमेटी एटीएम इस्तेमाल पर लगने वाले सभी प्रकार के चार्ज एवं इसके रखरखाव पर होने वाले खर्च की समीक्षा करेगी। बता दें कि दो महीने के भीतर कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद एक हफ्ते में इस मसले पर फैसला लिया जाएगा।

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