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भयंकर गर्मी में RBI ने आम आदमी को कराया ठंडक का अहसास, ब्याज दरों में की 0.25% कटौती

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आम आदमी को आज देश के सेंट्रल बैंक RBI यानी कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक बड़ी राहत दी है. जी हां, दरअसल आम आदमी और कंपनियों को बड़ा तोहफा देते हुए आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है. बता दें कि अब रेपो रेट 0.25 % कम होकर 5.75 % पर आ गई हैं.

मालूम हो कि यह लगातार तीसरा मौका है जब ब्याज दर घटाई गई हैं. इससे पहले पिछली दो बैठकों में भी MPC रेपो रेट में चौथाई-चौथाई % की कटौती कर चुकी है. बता दें कि अर्थशास्त्रियों के अनुसार 2018-19 की चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 5 साल के निचले स्तर पर आ गई है, जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश थी.

यहां ब्याज दरें घटाने का मतलब यह भी है कि अब बैंक जब भी आरबीआई से फंड लेंगे तो उन्हें नई दर पर फंड मिलेगा. जाहिर है कि सस्ती दर पर बैंकों को मिलने वाले फंड का फायदा बैंक अपने उपभोक्ता को भी देंगे. दरअसल यह राहत आपके साथ सस्ते कर्ज और कम हुई ईएमआई के तौर पर बांटी जाती है. इसी वजह से जब भी रेपो रेट घटता है तो आपके लिए कर्ज लेना सस्ता हो जाता है. साथ ही जो कर्ज फ्लोटिंग हैं उनकी ईएमआई भी घट जाती है.

कुछ ऐसे होगा ग्राहकों पर असर

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(1) बता दें कि जिन ग्राहकों के लोन एमसीएलआर से जुड़े हैं, उनकी ईएमआई का बोझ कम होगा. दरअसल इसके लिए जरूरी है कि बैंक एसीएलआर में कटौती करे. हालांकि, फायदा तभी से शुरू होगा जब लोन की रीसेट डेट आएगी. बता दें कि साधारणतः बैंक 6 महीने या सालभर के रीसेट पीरियड के साथ होम लोन की पेशकश करते हैं. मालूम हो कि रीसेट डेट आने पर भविष्य की ईएमआई उस समय की ब्याज दरों पर निर्भर करेंगी.

(2) वहीं दूसरी तरफ जिन ग्राहकों के लोन अब भी बेस रेट या बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट यानी कि बीपीएलआर से जुड़े हैं, उन्हें अपने होम लोन को एमसीएलआर आधारित व्यवस्था में स्विच कराने पर विचार करना चाहिए. दरअसल इसका प्रमुख कारण है कि इस नई व्यवस्था में पारदर्शिता अधिक है और इसी वजह से इनमें पॉलिसी रेट में कटौती का असर तुरंत दिखता है.

(3) आपको यह भी बता दें कि नए ग्राहक नए होम लोन ग्राहक एमसीएलआर व्यवस्था में लोन ले सकते हैं. उनके पास एक्सटर्नल बेंचमार्क व्यवस्था का मूल्यांकन करने का भी विकल्प है. हालांकि इसके लिए उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा क्योंकि इस तरह की व्यवस्था पर दिशानिर्देश आने बाकी हैं.

इसके अलावा जो लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र हैं, वे भी लोन लेने के बारे में विचार कर सकते हैं. दरअसल इस स्कीम में लोन पर ब्याज सब्सिडी मिलती है. वहीं सरकार ने स्कीम की मियाद 31 मार्च, 2020 तक बढ़ा दी है.

जैसा हमने बताया कि रेपो रेट 0.25 % कम होकर 5.75 % पर आ गई हैं. दरअसल इससे पूरे वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर 7.2% से घटाकर 7% हुआ.

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