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तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाना अब पड़ेगा महंगा, आ गई है ये खास बंदूक, 1 किमी दूर से ही स्पीड कर लेगी ट्रैक

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ये तो आपने भी सुना होगा कि भारतीय सड़कों को दुनिया की सबसे खतरनाक सड़कों में गिना जाता है। दरअसल भारतीय सड़कों पर होने वाले ज्यादातर हादसों में अधिकांश मामले ओवर स्पीडिंग के होते हैं। अब जैसे-जैसे कारों की रफ्तार की बढ़ती जा रही है, वैसे ही ऐसे हादसों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि कई राज्यों की ट्रैफिक पुलिस स्पीड का उल्लंघन करने वालों को पकड़ने के लिए हाई टैक स्पीड ट्रैप कैमरा के जरिए पकड़ रही है।

सरकार ने खरीदीं 39 स्पीड गन

बता दें कि कुछ राज्यों ने अपने राज्य की ट्रैफिक पुलिस को हाई-टैक लेजर गन उपलब्ध कराई हैं। दरअसल रिपोर्ट्स के मुताबिक ये नई लेजर गन पुरानी रडार गन के मुकाबले ज्यादा एडवांस हैं। सरकार ने ऐसी 39 स्पीड गन खरीदी हैं, जिनकी कीमत 3.9 करोड़ रुपये है।

यह गन 1 किमी की दूरी से ही देख लेगी कार की रफ्तार

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दरअसल इन गनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये न केवल साइज में बेहद छोटी हैं और ये एक साथ 3 अलग-अलग वाहनों को ट्रैक कर सकती हैं। वहीं इनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि आम रडार गन के मुकाबले इनकी रेंज दोगुनी है। मालूम हो कि जहां आम रडार बेस्ड स्पीड ट्रैप्स की रैंज तकरीबन 500 मीटर होती है, वहीं लेजर बेस्ड एक किमी की दूरी से ही कार की रफ्तार भांप लेगी।

रीडिंग होती है बिल्कुल सटीक

आपको बता दें कि लेजर डिवाइसेज की रीडिंग बिल्कुल सटीक होती है। वहीं इन्हें हाथ से कंट्रोल किया जा सकता है और कोई ट्राइपॉड लगाने की जरूरी नहीं पड़ती। मालूम हो कि फिलहाल ट्रैफिक पुलिस ट्राइपॉड पर लगी डिवाइस को गाड़ी के पीछे लगा कर ओवर स्पीडिंग वाहनों पर निगाह रखती है। बता दें कि फिलहाल इनमें से 5 डिवाइसेज को अमेरिका से खरीदा गया है और अहमदाबाद पुलिस को सौंपा गया है।

हो सकती हैं इंटरनेट से कनेक्ट

आपको बता दें कि यह स्पीड गन इंटरनेट से कनेक्ट हो सकती है और वाहन के स्वामी को फोटो समेत ई-चालान भेज सकती है। वहीं जरूरत पड़ने पर यह डिवाइस मौके पर चालान का प्रिंट भी निकाल सकती है। इसके अलावा यह डिवाइस ओवर स्पीड वाहनों के वीडियो भी रिकॉर्ड कर सकती है।

पुड़ुचेरी पुलिस के पास भी एडवांस लेजर स्पीड गन

जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल गुजरात में इस तरह की लेजर बेस्ड गन का इस्तेमाल हो रहा है। इसके लिए वहां विशेष ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की गई। वहीं इसके अलावा पुड़ुचेरी पुलिस के पास भी एडवांस लेजर बेस्ड गन हैं। उनके पास 16 ऐसी मशीनें हैं। बता दें कि जल्द ही देश के बाकी राज्यों में भी इस तरह की एडवांस गन को इस्तेमाल शुरू हो जाएगा।

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