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Fixed डिपॉजिट के जरिए आप हर महीने कर सकते हैं मोटी कमाई, जानिए क्या है तरीका

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जब निवेश की बात आती है तो Fixed Deposit यानी FD हमारे देश के एक बड़े वर्ग में निवेश की पहली पसंद है। दरअसल इसके काफी सारे कारण हैं। बता दें कि FD के लोकप्रिय होने का सबसे बड़ा कारण तो यह है कि, इसमें रिस्क की कोई गुंजाइश नहीं होती है और जमा पर रिटर्न मिलने का पूरा भरोसा होता है फिर चाहे बाजार की मौजूदा हालत बुरी ही क्यों ना हो।

इसके साथ ही फिक्स्ड डिपॉजिट पर आप आसानी से लोन ले सकते हैं, वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों को उच्च ब्‍याज दर मिलती है और एक सरल प्रक्रिया को पूरी कर समय से पहले एफडी से रुपयों की निकासी भी कर सकते हैं।

FD के ब्‍याज से अर्जित करें मासिक आय

इतना ही नहीं, अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट में बड़ा निवेश करते हैं तो आप एफडी के जरिए नियमित रूप से आय भी कमा सकते हैं। जी हां, दरअसल यह व्यवस्थित निकासी योजना यानी कि Systematic Withdrawal Plan से बहुत कुछ मिलता-जुलता है। बता दें कि व्यवस्थित निकासी योजना के तहत, कोई भी व्यक्ति मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक निकासी का विकल्प चुन सकता है।

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कुछ संस्थाएं और बैंक देते हैं निकासी की अनुमति

जानकारी के लिए बता दें, कि सभी गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियां, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक और निवेश संस्थाएं सावधि जमा पर अर्जित ब्याज की निकासी की अनुमति देती हैं। दरअसल फिक्स्ड डिपॉजिट पर अर्जित ब्याज की निकासी से आप एक जोखिम मुक्त मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक आय का बंदोबस्त कर सकते हैं। वहीं आपकी मूल राशि वैसे की वैसे ही आपके एफडी अकाउंट में सुरक्षित रहेगी।

सेवानिवृत्ति कोष से कमाएं मोटी मासिक आय

उदाहरण के लिए मान लीजिए कि कोई सेवानिवृत्‍त हुआ व्यक्ति अपने सेवानिवृत्ति कोष का पूरा 50 लाख रुपया फिक्स्ड डिपॉजिट में डाल देता है। अब अगर उस एफडी पर 8 % की दर से ब्याज मिलता है तो टीडीएस कटने के बाद सालाना कुल ब्याज हुआ लगभग 4 लाख रुपये।

बता दें कि अब वह व्यक्ति अपने इस सालाना ब्याज में से मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक निकासी का विकल्प चुन सकता है। मालूम हो कि अगर वह मासिक निकासी का विकल्प चुनता है, तो हर महीने वह लगभग 33,000 रुपये की जोखिम रहित आय पा सकता है।

ब्याज की कर सकते हैं आंशिक निकासी भी

आपको बता दें कि आपके पास अपने फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट में से ब्याज से होने वाली आय की पूर्ण निकासी और आंशिक निकासी के विकल्प भी होते हैं। दरअसल अगर आप अपने एफडी निवेश से अर्जित मासिक आय से कम में ही अपनी आवश्यकता पूरी कर सकते हैं तो आप ब्याज से होने वाली आय की आंशिक निकासी का विकल्प भी चुन सकते हैं।

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