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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम: साढ़े 3 करोड़ किसानों को मिला पैसा, बाकी हैं इंतजार में

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नरेंद्र मोदी सरकार की किसानों से जुड़ी सबसे प्रमुख योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम का अब तक देश के 3.43 करोड़ किसान लाभ उठा चुके हैं. जी हां, दरअसल इन किसानों को इसकी दो किस्त के 4-4 हजार रुपये मिल चुके हैं.

बता दें कि सबसे ज्यादा 1.20 करोड़ किसानों को उत्तर प्रदेश में फायदा मिला है. हालांकि, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और हरियाणा के किसान भी इसका लाभ लेने में पीछे नहीं हैं. मालूम हो कि कृषि प्रधान राज्य पंजाब में 11.84 लाख किसानों को लाभ मिला है.

आपको बता दें कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक कर्नाटक (जेडीएस-कांग्रेस शासित) में 3,20,906 किसानों को पैसा मिला है. हालांकि कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश और राजस्थान में काफी कम रकम पहुंची है.

मालूम हो कि 31 मई तक की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में सिर्फ 12673 और राजस्थान में सिर्फ 1,21,314 किसानों को ही फायदा मिल सका है. बता दें कि छत्तीसगढ़ में 113574, पांडिचेरी में 4266 किसानों को ही लाभ मिला है.

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आपको बात दें कि गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई प्रदेशों को भी काफी लाभ मिला है. वहीं, वाईएसआर कांग्रेस शासित आंध्र प्रदेश में कांग्रेस शासित राज्यों के मुकाबले काफी अधिक किसानों को पैसा मिल चुका है. दरअसल कृषि मंत्रालय के मुताबिक यहां के 34,92,784 किसान लाभान्वित हो चुके हैं.

बता दें कि बीजेडी शासित ओडिशा में 9.73 लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं. वहीं, सीपीआई-एम शासित केरल के लोग भी फायदा लेने में पीछे नहीं हैं. यहां के 10.31 लाख किसानों को खेती-किसानी के लिए सम्मान निधि की 2 किस्त मिल चुकी है.

बीजेपी शासित राज्य उठा रहे हैं फायदा

आपको बता दें कि मोदी सरकार की यह स्कीम किसानों को बीजेपी के साथ जोड़ने में काफी हद तक कामयाब रही है. इसीलिए दोबारा सत्ता में आते ही इसका विस्तार 14.5 करोड़ किसानों के लिए कर दिया गया.

दरअसल बीजेपी के मुख्यमंत्रियों ने इसे अपने-अपने राज्य में बहुत तेजी से लागू करवाया और चुनाव में उसका फायदा मिला. जी हां, बता दें कि योगी आदित्यनाथ की सरकार अपने राज्य के किसानों को इसका सबसे ज्यादा लाभ पहुंचाने में सफल रही है.

वहीं मनोहरलाल खट्टर सरकार हरियाणा के 10.20 लाख किसानों तक लाभ दिलाने में कामयाब रही. यहां तक कि असम में 11.91 लाख किसान लाभ पा चुके हैं.

इस प्रकार ले सकते हैं फायदा

बता दें कि किसानों को इसका लाभ पाने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. जी हां, दरअसल प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा. साथ ही रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा.

अगर फिर भी कोई कन्फ्यूजन है तो अपने लेखपाल से संपर्क करना होगा. दरअसल लेखपाल ही यह वेरीफाई करता है कि आप किसान हैं. बता दें कि अगर लेखपाल और कृषि अधिकारी किसी असली किसान को इसका लाभ देने में आनाकानी कर रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं. मालूम हो कि वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 पर फोन कर सकते हैं.

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