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अमेरिका से भारत के लिए आई बुरी खबर, डोनाल्ड ट्रंप ने छीन लिया जीएसपी का दर्जा

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केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई सरकार बनने के दूसरे ही दिन अमेरिका से भारत के लिए बुरी खबर आई है। जी हां, दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत का सामान्य तरजीही दर्जा या जनरलाइज प्रिफरेंस सिस्टम यानी कि जीएसपी को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। मालूम हो कि ट्रंप का यह फैसला आगामी 5 जून 2019 से प्रभावी होगा। बता दें कि इससे भारत के करीब 5.6 बिलियन डॉलर यानी करीब 40 हजार करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ेगा।

ट्रंप ने मार्च में की थी घोषणा

बता दें कि सामान्य तरजीही दर्जा यानी जीएसपी अमेरिका का सबसे पुराना व्यापार तरजीही कार्यक्रम है। उसने इस कार्यक्रम की शुरुआत 1976 में विकासशील देशों की आर्थिक वृद्धि के लिए की थी। दरअसल इस कार्यक्रम के तहत अमेरिका विकासशील देशों को अपने देश में ड्यूटी फ्री कारोबार करने की इजाजत देता है। जीएसपी दर्जा प्राप्त देश कुछ विशेष सामान अमेरिका में बिना टैक्स दिए बेच सकते हैं।

मालूम हो कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल 4 मार्च को भारत समेत कई देशों के जीएसपी दर्ज खत्म करने की घोषणा की थी। तब उन्होंने जीएसपी दर्जा प्राप्त देशों को 60 दिन का समय दिया था। ट्रंप ने कहा है कि भारत ने हमें अपने बाजारों में बराबर कारोबार का मौका नहीं दिया है, इस कारण हमें यह फैसला लेना पड़ रहा है।

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इसके खत्म होने से भारत को होगा यह नुकसान

आपको बता दें कि जीएसपी के तहत चुनिंदा गुड्स के ड्यूटी-फ्री या मामूली टैरिफ पर इम्पोर्ट की अनुमति दी जाती है। इससे केमिकल्स और इंजिनियरिंग जैसे सेक्टरों के करीब 1900 भारतीय प्रॉडक्ट्स को अमेरिकी बाजार में ड्यूटी फ्री पहुंच हासिल है।

मालूम हो कि भारत ने 2017-18 में अमेरिका को 48 अरब डॉलर यानी कि करीब 3,39,811 करोड़ रुपए मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया था। इनमें से सिर्फ 5.6 अरब डॉलर यानी करीब 39,645 करोड़ रुपए का निर्यात GSP रूट के जरिए हुआ।

बता दें कि इससे भारत को सालाना 19 करोड़ डॉलर यानी कि करीब 1,345 करोड़ रुपये का ड्यूटी बेनिफिट मिलता है, जो कि अब खत्म हो जाएगा। दरअसल जीएसपी के तहत मुख्य तौर पर ऐनिमल हस्बैंड्री, मीट, मछली और हस्तशिल्प जैसे कृषि उत्पादों को शामिल किया गया है। इन उत्पादों को आम तौर पर विकासशील देशों के उत्पाद के तौर पर देखा जाता है।

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