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अफगानिस्तान की फिरकी बन सकती है विरोधी टीमों की हार का कारण, जाने टीम के बारे में सब कुछ

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साल 2015 में अफगानिस्तान की टीम पहली बार विश्व कप खेलने उतरी। उस बार वह ग्रुप दौरे से बाहर हो गई। सच कहा जाए तो अफगानिस्तान की टीम ने विश्व कप 2015 में औपचारिकता निभाई। लेकिन उसके बाद अफगानिस्तान के खेल में जबरदस्त सुधार आया। कई दिग्गज टीमों को अफगानिस्तान से हार का डर है। अफगानिस्तान अपना दिन होने पर किसी भी टीम को हरा सकती है।

विश्व कप 2015 में टीम के पास कोई भी बेहतरीन बल्लेबाज और गेंदबाज नहीं था। हालांकि अब टीम की गेंदबाजी बहुत ही मजबूत है। टीम के कप्तान गुलबदिन नायब है। वह ऑलराउंडर खिलाड़ी है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और मुजीब उर रहमान की फिरकी विरोधी टीमों के लिए परेशानी बन सकती है। दुबई में खेले गए एशिया कप में अफगानिस्तान की टीम ने भारत और पाकिस्तान जैसी दिग्गज टीमों को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया था। भारत के विरुद्ध खेले गए मैच में उसने शानदार प्रदर्शन किया और मैच टाई करा दिया। टीम में दौलत जादरान, हामिद हसन और नायब जैसे तेज गेंदबाज है।

हालांकि अफगानिस्तान की बल्लेबाजी कुछ खास नहीं है जो भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड जैसी टीमों द्वारा दिए गए 280 से 300 रनों के टारगेट को हासिल कर सके। टीम में अहमद शाहजाद, असगर अफगान, हसमातुल्लाह शाहिदी, नजीबुल्लाह जादरान जैसे बल्लेबाज है। कप्तान गुलबदीन ने मात्र 55 वनडे मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 830 रन बनाए हैं। वे 55 विकेट भी हासिल कर चुके हैं। उनको मात्र तीन मैचों में कप्तानी का अनुभव है।

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विश्व कप 2019 के लिए अफगानिस्तान की टीम

मोहम्मद नबी की कप्तानी में पहली बार साल 2015 में अफगानिस्तान ने विश्व कप खेला। वह छह में से सिर्फ एक मैच में जीत हासिल कर पाई। उसकी जीत का प्रतिशत मात्र 16.66% है। साल 2015 के विश्व कप में अफगानिस्तान ने स्कॉटलैंड को 1 विकेट से हराया था। उस मुकाबले में अफगानिस्तान की तरफ से समीउल्लाह ने 96 और जावेद अहमदी ने 51 रनों की पारी खेली थी।

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