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शुरू करें डिस्‍पोजेबल कैटरिंग प्रोडक्ट्स की यूनिट, हर महीने होगी 1 लाख तक की कमाई, मोदी सरकार करेगी मदद

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पिछले कुछ समय से देश मे डिस्‍पोजेबल कप, प्‍लेट, बाउल जैसे प्रोडक्‍ट्स की डिमांड लगातार बढ़ी है और अब तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में अगर आप कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आप ये डिस्‍पोजेबल कैटरिंग प्रोडक्‍ट्स बनाने की यूनिट लगा सकते हैं।

जी हां, आपको बता दें कि इस पर खर्च भी ज्‍यदा नहीं आएगा। दरअसल केवल 2 से 3 लाख रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट से आप यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं। मालूम हो कि पहले आपको 50 हजार रुपए महीना इनकम होगी, लेकिन बाद में काम जमने के बाद आप 1 लाख रुपए तक की इनकम कर सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं कि इस बिज़नेस के बारे में सबकुछ..

छोटी मशीन से काम करें शुरू

मालूम हो कि डिस्‍पोजेबल कैटरिंग प्रोडक्‍ट की मांग अर्बन और रूरल दोनों में होती है। दरअसल रूरल एरिया में अधिकतर पेपर प्‍लेट की मांग होती है। इसके लिए छोटी मशीनों से काम किया जा सकता है। मालूम हो कि पेपर कप-प्‍लेट ऑटोमैटिक मशीन का बाजार में प्राइस 2 से 3 लाख रुपए के बीच है।

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थर्मोकॉल प्‍लेट में होता है फायदा

जानकारी के लिए बता दें कि थर्मोकोल प्रोडक्‍ट में बड़ा फायदा है। जी हां, दरअसल पॉलीथिन के विभिन्‍न जगहों पर प्रतिबंध लगने के बाद थर्मोकॉल व पेपर प्रोडक्‍ट का चलन बढ़ा है। मालूम हो कि थर्मोकॉल कप-प्‍लेट बनाने की मशीन खरीदने के लिए भी आपको 2 से 3 लाख रुपए खर्च करने होंगे।

इस तरह कमाएं 1 लाख रुपए

आपको बता दें कि मैन्‍युफैक्‍चरिंग शुरू करने के बाद आपको मार्केटिंग भी अच्‍छी करनी होगी जिससे आप हर जगह अपने माल को इंट्रोड्यूस करा सकें। दरअसल थर्मोकॉल की प्‍लेट को ही अगर मॉडल माने तो एक किलोग्राम रॉ मटेरियल से 300 प्‍लेट तैयार होती हैं।

मालूम हो कि एक किलो थर्मोकॉल का मटेरियल 200 से 250 रुपए प्रति किलोग्राम मिलता है जबकि, प्‍लेट की बिक्री 200 से 300 रुपए प्रति 100 प्‍लेट होती है। इस तरह कम से कम अगर आप दिन में 1 हजार प्‍लेट भी बनाते हैं तो 60 से 80 हजार रुपए महीना होता है।

बता दें कि इसमें से खर्च निकालकर मुनाफा देखें तो शुरूआती समय में 50 हजार रुपए महीना तक कमा सकते हैं। माल तैयार होने के बाद जो वेस्‍टेज बचती है वह भी रिसाइक्लिंग के लिए 50 % प्राइस पर बिक जाती है।

यूं बढ़ा सकते हैं बिजनेस

मालूम हो कि ‍थर्मोकॉल के अलावा पेपर कप व बॉउल बनाने की मशीन भी 3 लाख रुपए तक में मिल जाती है। दरअसल बाजार में कॉफी और कोल्‍डड्रिंक्‍स के लिए पेपर कप व गिलास का इस्‍तेमाल किया जाता है। ऐसे में अगर आप रेस्‍टोरेंट या कंपनियों से करार करने में सक्षम हैं तो उनके लेबल के साथ माल तैयार कर आप सप्‍लाई कर सकते हैं।

सरकार से मिलता है सपोर्ट

आपको बता दें कि सरकार प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम के तहत 90 % तक लोन देती है। इसके अलावा खादी ग्रामोद्योग में भी डिस्‍पोजेबल कैटरिंग प्रोडक्‍ट मेकिंग व्‍यवसाय को लिस्‍ट किया गया है। मालूम हो कि इन सभी योजनाओं में व्‍यवसाय करने के लिए आपको 90 % तक लोन मिलता है। इतना ही नहीं खादी ग्रामोद्योग व अन्‍य कई योजनाओं में लोन राशि पर देय ब्‍याज पर सब्सिडी का प्रावधान भी मौजूद है। बता दें कि इस प्रोजेक्‍ट को 25 % तक सब्सिडी भी दी जाती है।

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