Loading...

अगर आपसे कोई वसूल रहा है ज्यादा GST तो Anti profiteering authority से करें शिकायत, हो जाएगा काम

0 13

आज हम आपको बेहद ही महत्वपूर्ण बात बताने जा रहे हैं जो आपके काफी काम आ सकती है। जी हां, दरअसल अगर कोई बिजनेसमैन या कोई संस्था आपसे ज्यादा जीएसटी वसूले या गलत तरीकों से फायदा कमाए, तो उसकी शिकायत आप नेशनल एंटी-प्रॉफिटीयरिंग अथॉरिटी (National Antiprofiteering Authority, NAA) के पास दर्ज करा सकते हैं।

ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है संस्था की जिम्मेदारी

आपको बता दें कि इस संस्था का सबसे अहम काम है यह देखना कि GST काउंसिल वस्तुओं और सेवाओं की जीएसटी दरों में जो कटौती कर रही है, उसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचे। मतलब यह है कि व्यापारी वर्ग जीएसटी दर में कटौती के बाद उत्पादों और सेवाओं के दाम कम कर रहे हैं या नहीं, संस्था इस पर निगरानी रखती है। दरअसल अगर कोई व्यापारी जीएसटी दरों में कटौती के बाद भी वस्तुओं के दाम में कटौती नहीं करती है, तो संस्था की जिम्मेदारी बनती है कि व्यापारी पर उचित कार्रवाई की जाए।

ऐसे दर्ज करा सकते हैं शिकायत

Loading...

एनएए के पास कोई भी व्यक्ति आसान चरणों में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइल दोनों विकल्प मौजूद हैं। मालूम हो कि अगर आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं, तो तीन कदमों में करा सकते हैं-

1. रजिस्ट्रेशन

मालूम हो कि एनएए की आधिकारिक साइट पर जाकर आपको अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए आपको रिजस्ट्रेशन फॉर्म में दिए गए सवालों के जवाब देने होंगे। बता दें कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद आपने जो ई-मेल आईडी दर्ज कराई है, उसपर एक ई-मेल आएगा। इस मेल में दिए गए वेरिफिकेशन लिंक पर क्लिक करके आप वेबसाइट के लॉग-इन पेज पर पहुंच जाएंगे।

2. लॉग-इन

आपको बता दें आप अपनी रजिस्टर्ड मेल-आईडी और पासवर्ड के इस्तेमाल से कभी भी लॉग-इन कर सकते हैं। इसमें आपको 4 ऑप्शन मिलेंगे-

कम्प्लेंट दर्ज कराएं

कम्प्लेंट ट्रैक करें

कम्प्लेंट्स की हिस्ट्री चेक करें

अपना प्रोफाइल एडिट करें।

3. शिकायत दर्ज कराएं

दरअसल यहां पर यूजर को एक कम्प्लेंट फॉर्म दिया जाएगा, जिसमें डिटेल भरने के साथ सबूत भी जमा करना होगा। बता दें कि सबूत को .jpg, .pig, .doc या .pdf फॉर्मेट में अपलोड किया जा सकता है। मालूम हो कि कम्प्लेंट प्रोसेस पूरा होने के बाद यूजर के पास एक कम्प्लेंट-आईडी आएगी जिससे कम्प्लेंट को ट्रैक किया जाएगा।

शिकायत दर्ज कराने के बाद यूं करें उसे ट्रैक

बता दें कि एक बार शिकायत दर्ज कराने के बाद आप यह भी देख सकते हैं कि उसपर कोई कार्रवाई हुई या नहीं। जी हां, दरअसल इसके लिए आपको मेल-आईडी और पासवर्ड के साथ लॉग-इन करना होगा और दिए गए चार ऑप्शन में से दूसरे ऑप्शन ‘ट्रैक कम्प्लेंट’ पर क्लिक करना होगा। मालूम हो कि इसके बाद जो पेज खुलेगा उसमें आपको अपना कम्प्लेंट आईडी और कैप्चा लिखना होगा। बता दें कि सब्मिट करते ही आपके पास कम्प्लेंट का स्टेटस आ जाएगा।

2 साल के लिए गठित की गई थी संस्था लेकिन बढ़ाया जा सकता है कार्यकाल

मालूम हो कि नेशनल एंटी-प्रॉफिटीयरिंग अथॉरिटी को सिर्फ 2 साल के लिए गठित किया गया था। बता दें कि जीएसटी लॉन्च होने के बाद इसे जुलाई, 2017 में लागू किया गया था। दरअसल इसके गठन के पीछे उद्देश्य यह था कि जीएसटी के लागू होने से उत्पादों और सेवाओं के दामों में कोई भी कटौती या बढ़ोतरी ग्राहकों को कोई नुकसान न पहुंचा सके।

आपको बता दें कि इस संस्था के 2 साल जुलाई में पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन ऐसी संभावना है कि संस्था के कार्यकाल को 2 वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो संस्था के पास ग्राहकों की शिकायतों का भंडार लगा है, जिन्हें सुलझाने में वक्त लगेगा।

बड़ी कंपनियों पर लगाया गया है जुर्माना

आपको बता दें कि NAA ने गलत तरीके से लाभ उठाने पर कई बड़ी कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। जी हां, इसमें हिंदुस्तान यूनिलिवर शामिल है जिसने जीएसटी की दरें बदलने का लाभ ग्राहकों को न देकर 535 करोड़ रुपए का आर्थिक लाभ उठाया। वहीं Domino’s की फ्रैंचाइजी Jubilant Foodworks ने 41.42 करोड़ रुपए का लाभ कमाया।

इसी प्रकार Abbott Healthcare ने 96 लाख रुपए और McDonald’s की फ्रैंचाइजी Hardcastle Restaurants ने 7.49 करोड़ का लाभ उठाया। बता दें कि संस्था ने इन सभी कंपनियों के खिलाफ ऑर्डर पास किया है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.