रात में फकीर के घर में चोर घुस गया, लेकिन घर में उसे चोरी करने के लिए कुछ नहीं मिला, चोर वापस जाने लगा तो फकीर ने उसे रोका और कहा कि यहां बैठो और मैं जो बोलता हूं वो काम करो, चोर ने

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प्रेम एक ऐसी चीज है जो हर व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र को बदल सकता है। हमारें अवतारों, संत-महात्माओं और विद्वानों ने भी सबसे ज्यादा जोर प्रेम पर ही दिया। पुराने समय में एक फकीर ने सिर्फ प्रेम से ही चोर को सही मार्ग दिखा दिया और उसका व्यक्तित्व बदल गया। हम आपको चोर और फकीर से जुड़ा एक किस्सा बताने जा रहे हैं।

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एक दिन एक चोर चोरी करने के लिए फकीर के घर में घुस गया। उस वक्त फकीर लेटे हुए थे। चोर को लगा कि घर का मालिक हो रहा है। इसीलिए वह चोरी करने के लिए महंगे सामान ढूंढने लगा। लेकिन फकीर का घर था। इसलिए उसे कुछ नहीं मिला।

चोर वापस जाने ही वाला था कि फकीर ने कहा कि यह फकीर का घर है। यही कारण है कि तुम्हें यहां कोई भी मूल्यवान वस्तु नहीं मिलने वाली। लेकिन हम तुम्हें प्रेम दे सकते हैं। तुम यहां आकर बैठ जाओ और पूरी रात इबादत करो। फकीर की बात मानकर चोर ने सारी रात इबादत की है।

एक अमीर व्यक्ति ने फकीर के लिए कुछ दिनारें भेजी और वह दिनारें फकीर ने चोर को दे दी। फकीर ने कहा कि मैं तुम्हें यह दिनारें तुम्हारी इबादत करने के एवज में दे रहा हूं। यह सुनकर चोर की आंखों में आंसू छलक आए और उसने कहा मैंने उस खुदा को भुला दिया, जिसने एक रात की इबादत में मुझे इतना कुछ दिया।

यह कह कर चोर ने दिनारें लेने से इंकार कर दिया और चोर का व्यक्तित्व प्रेम की वजह से बदल गया और उसने चोरी छोड़ने का संकल्प किया।

कहानी की सीख

कहानी से हमें सीखने को मिलता है कि किसी की बुराइयों को सुधारने के लिए उसे दंड देना आवश्यक नहीं होता है। इसके लिए प्रेम का सहारा लेना चाहिए। प्रेम से व्यक्ति के व्यक्तित्व को बदला जा सकता है।

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