शिकार के लिए राजा बन में गया और रास्ता भूल गया, भूखे-प्यासे राजा को एक बनवासी ने खाना और पानी दिया, इसके बदले में राजा ने उस बनवासी को चंदन का एक बाग उपहार में दिया, बनवासी चंदन से अनजान था

0 14

एक बार एक राजा जंगल में शिकार करने गया। लेकिन वह रास्ता भूल गया। रास्ता खोजते-खोजते वह बहुत थक गया। उसे भूख-प्यास लगने लगी। फिर उसे एक झोपड़ी दिखी। राजा उस झोपड़ी के पास गया। राजा ने नवासी से भोजन और पानी मांगा। वनवासी ने राजा का उचित सत्कार किया, जिससे राजा बहुत प्रसन्न हुआ।

राजा ने वनवासी से कहा- हम इस राज्य के राजा हैं और तुम्हारे आतिथ्य से खुश हैं। इसलिए हम तुम्हें हमारे नगर का चंदन का बाग भेंट करते हैं। वनवासी की मदद से राजा अपने नगर मे वापस लौट आया। राजा के साथ वह वनवासी भी उनके नगर पहुंचा। राजा ने उसे चंदन का बाग दे दिया।

वनवासी को चंदन के गुण और महत्व के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इसलिए वह चंदन की लकड़ियां जलाकर कोयला बनाता और कोयला बाजार में बेच देता। कुछ समय में ही चंदन के सारे पेड़ खत्म हो गए और बाग में केवल एक पेड़ बचा। वनवासी के अंतिम पेड़ काटने से पहले ही बहुत बारिश हो गई और इस वजह से वह कोयला नहीं बना पाया।

फिर उसने सोचा कि आज लकड़िया ही बेच देता हूं। इसके बाद जब वनवासी चंदन की लकड़ी बाजार में लेकर गया तो चंदन की खुशबू सारे बाजार में फैल गई। उसकी लकड़ियां बहुत अधिक दामों में बिकी। यह देखकर वह हैरान रह गया कि जब वह लकड़ी को जलाकर कोयला बनाकर बेचता था तो उसे बहुत कम मिलता था। लेकिन यह लकड़ी महंगी बिकी। इसके बाद उसे बहुत पछतावा हुआ।

कथा की सीख

जानकारी ना होने की वजह से वनवासी ने अपना नुकसान कर लिया। ऐसा ही हमारे जीवन में भी होता है। जब हम कोई नया काम शुरू करते हैं तो हमें उससे जुड़ी सारी जानकारियां कर लेनी चाहिए। तभी हम सफल हो पाएंगे। नहीं तो जानकारी के अभाव में हमारा नुकसान हो सकता है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.