वर्ल्ड कप का वो मैच, जो भारतीय टीम के लिए बन गया था राष्ट्रीय शर्म का कारण

0 17

भारतीय टीम दो बार विश्व कप की विजेता बनी है। भारत ने सबसे पहले 1983 में विश्व कप जीता। इसके बाद 2011 में भारतीय टीम विश्व विजेता बनी। लेकिन वर्ल्ड कप में एक ऐसा मैच भी खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम की जमकर आलोचना हुई और भारत के लिए वह मैच शर्म का कारण बना।

1975 के विश्व कप में भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने ऐसी पारी खेली, जिसके लिए विपक्षी टीम ने खूब मजाक उड़ाया। गावस्कर बहुत ही बेहतरीन बल्लेबाज रहे। लेकिन उस मैच में उन्होंने इतनी धीमी पारी खेली कि भारतीय फैंस उस पारी को बिल्कुल भी याद नहीं करना चाहेंगे।

1975 के विश्व कप में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के विरुद्ध मैच खेला था। इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 334 रन बनाए। भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी। लेकिन सुनील गावस्कर धीमी गति से बल्लेबाजी कर रहे थे, जिसे लेकर भारतीय खिलाड़ी यही सोच रहे होंगे कि सुनील गावस्कर जल्दी आउट हो जाए। लेकिन गावस्कर अंत तक नॉट आउट रहे।

गावस्कर ने 174 गेंदों में केवल 36 रन की पारी खेली और इस दौरान उन्होंने केवल एक ही चौका लगाया। गावस्कर की धीमी गति से बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम के 132 रन बना सकी और 202 रन से मैच हार गई। इस पारी के लिए सुनील गावस्कर के साथ भारतीय टीम की भी जमकर आलोचना हुई थी।

गावस्कर द्वारा खेली गई पारी के बाद इंग्लैंड के बल्लेबाज ज्योफ्री बॉयकाट ने उनका मजाक उड़ाया था और कहा था कि हम तो चाह रहे थे कि गावस्कर आउट ना हो, अगर वे कैच भी उछालते तो हम उनका के छोड़ देते, ताकि वे क्रीज पर बने रहे। उनका क्रीज पर टिके रहना ही हमारी जीत मुकम्मल कर रहा था। अंग्रेज क्रिकेटर डेनिस कॉम्पटन ने इसे खेल के प्रति बहुत नकारात्मक सोच बताया।

हालांकि जब भारतीय टीम ने ईस्ट अफ्रीका में मैच खेला तो गावस्कर ने अच्छा प्रदर्शन किया। गावस्कर ने उस मैच में 86 गेंदों में नाबाद 65 रन बनाए और भारतीय टीम को मैच जिताया। लेकिन फिर तीसरे मैच में भारतीय टीम न्यूजीलैंड से हार गई। गावस्कर 1975 के विश्व कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.