महिला कैदी ने PM मोदी को भेजा पत्र, लिखा- वो यौन शोषण के लिए दबाव डालते हैं, जो हां करती है उसे मोबाइल फोन और दूसरी सुविधाएं देते हैं

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मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार की एक महिला बंदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। महिला ने एक पत्र में जेल में यौन शोषण होने की शिकायत की है। इस मामले पर बिहार राज्य महिला आयोग ने जेल जाकर जांच करने और दोषी के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करने की बात कही।

क्या लिखा है पत्र में

महिला बंदी ने पीएम मोदी को जो पत्र लिखा, उसमें महिला ने शिकायत की है कि महिला बंदियों को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूत किया जाता है और अगर वह मना करती है तो उन्हें पीटा जाता है। जो महिलाएं समर्पण कर देती हैं, उन्हें मोबाइल से बात करने के साथ कई अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। सभी कैदियों को शाम 6:00 बजे अंदर कर दिया जाता है। लेकिन राइटर को देर रात तक बाहर रहने की छूट है।

वे देर रात महिला खंड में आते हैं। उनके साथ महिला बंदी को देर रात बाहर भेज दिया जाता है। महिला ने यह भी बताया कि जो महिला बंदी पदाधिकारियों और राइटर के साथ संबंध बनाने से मना कर देती हैं, उनको खाना भी नहीं मिलता। महिला ने अपने पत्र में 3 महिला सिपाहियों के नाम का जिक्र किया है। महिला सिपाही ने 4 मार्च को उस महिला बंदी की बेटी के ऊपर भी संबंध बनाने का तवा डाला था, जिसका विरोध करने पर उसकी पिटाई हुई।

डीएम से मामले की रिपोर्ट मांगी

महिला बंदी ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ महिला आयोग, मुख्यमंत्री, राज्य के मुख्य सचिव और जेल आईजी को भी पत्र भेजा। इस पत्र के मिलने के बाद सेक्शन पदाधिकारी जितेंद्र कुमार मंडल ने राज्य के मुख्य सचिव और डीएम से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। डीएम आलोक रंजन घोष ने इस मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित की है और 1 सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है। महिला आयोग की अध्यक्ष दिलमणि देवी ने कहा कि जांच के बाद दोषी के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

मुजफ्फरपुर में सामने आया था शेल्टर होम कांड
बता दें कि पिछले साल मुजफ्फरपुर में शेल्टर होम में रहने वाली लड़कियों के साथ रेप का मामला सामने आया था। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 44 में से 32 लड़कियों का बलात्कार हुआ। इसके बाद शेल्टर होम संचालक ब्रजेश ठाकुर के साथ 11 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया।

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