कभी फिल्म इंडस्ट्री पर था इस एक्ट्रेस का राज, फिर एक दिन ऐसा आया कि लोगों को देख भागती जाती थी

0 37

60 और 70 के दशक में बहुत सारी ऐसी अभिनेत्रियां नहीं जिन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर अपना जलवा बिखेरा। उनमें मुमताज, परवीन बॉबी, जीनत अमान जैसी कई अभिनेत्रियां शामिल थी। ऐसी ही एक अभिनेत्री रही जिसने छोटी-छोटी भूमिका निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई और हर कोई उस अभिनेत्री का दीवाना हो गया।

हम बात कर रहे हैं लीबी राणा यानी निवेदिता की जो 60 के दशक में ‘तू ही मेरी जिंदगी’, ‘फरिश्ता’, ‘ज्योति’, ‘धरती कहे पुकार के’ और ‘धुंध’ जैसी फिल्मों में नजर आई। इन फिल्मों से लीबी राणा को अलग पहचान मिली। फिल्म ज्योति में संजीव कुमार और लीबी राणा की जोड़ी दर्शकों को बहुत अच्छी लगी।

बॉलीवुड का इतिहास रहा है कि कोई भी कलाकार ज्यादा दिनों तक अपना स्टारडम बरकरार नहीं रख पाया है। ऐसा ही कुछ लीबी राणा के साथ हुआ। जब लीबी राणा के सितारे गर्दिश में पहुंचे तो लोग उनसे दूरियां बनाने लगे।

जब फिल्मों में लीबी राणा का सितारा धुंधलाने लगा तो लोग उनको भूल गए। लोगों को इस बारे में जानकारी भी नहीं है कि वे अब दुनिया में है या नहीं। उनकी कहानी बहुत ही दुख भरी है। जब सभी लोग इस हीरोइन पर मर मिटे थे अब वही हीरोइन लोगों के सामने आने से डरती है।

एक समय ऐसा था लीबी राणा की एक नजर लोगों को घायल कर देती। वही लीबी राणा यानी निवेदिता को लोग पहचान लेते तो वे नजरें छुपा कर भागने लगती थी। लोकप्रिय फिल्म क्रिटिक खालिद मोहम्मद की बहुत साल पहले लीबी राणा से मुंबई के होटल ताज में बुक शॉप पर मुलाकात हुई।

उन्होंने तुरंत ही लीबी राणा को पहचान लिया। उन्होंने जैसे ही लीबी राणा से कहा कि आप अभिनेत्री लीबी राणा हो तो वे उनसे नजरें चुरा कर भागने लगी। लीबी राणा से उस मुलाकात की जिक्र करते हुए खालिद मोहम्मद ने कहा कि कहा था कि पहचान ने जाने पर लीबी राणा वहां से नजरें छुपा कर भागने लगी और कहा कि आपको कोई गलतफहमी हुई।

कई सवाल करने पर लीबी राणा की हिम्मत जवाब दे गई और उन्होंने आखिरकार कहा कि हां मैं फिल्मों में थी। फिल्मों में मुझे काफी मजा आता था। लेकिन लोग आपका सम्मान तभी तक करते हैं जब तक आपका सितारा बुलंद है। यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है कि लोगों के दिलों पर राज करने वाली लीबी राणा को ऐसी हालात में भी जिंदगी गुजारनी पड़ी।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.