भारत के ये 5 गांव आपकी ट्रिप को बना देंगे एकदम यादगार, खर्चा मात्र 15 हजार रुपए

0 30

भारत की अगर बात करें तो भारत देश घूमने के लिए एक बहुत ही अच्छी जगह है। जी हां, दरअसल पर्यटकों के घूमने के लिए भारत एक बेहद ही खूबसूरत देश है। यही कारण है कि हर साल लाखों टूरिस्ट घूमने के लिए भारत आते हैं और भारत के कई शहरों में घूम कर अपने अनुभव को बेहतर बनाते हैं।

मालूम हो कि जिन शहरों में ज्यादातर लोग घूमने आते हैं उनमें से ज्यादातर टूरिस्ट गोवा, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे शहरों का रुख करते हैं। लेकिन अगर आपको शोर-शराबे से दूर शांत और सुकून भरी जगह पसंद हैं तो गांव एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

दरअसल आज हम आपको भारत के कुछ ऐसे गांवों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप शुद्ध हवा, फ्रेश फूड और चूल्हे में बनी रोटियां का लुत्फ भी उठा सकते हैं।

1. मावलिननांग गांव, मेघालय

मेघालय एक खूबसूरत जगह है। यहां स्थित मावलिननांग गांव को एशिया का सबसे साफ गांव कहा जाता है। बता दें कि इस गांव को ‘भगवान का अपना बगीचा’ भी कहा जाता है। दरअसल यह गांव मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग से थोड़ी दूर स्थित खासी हिल्स क्षेत्र में आता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मेघालय का खासी इलाका अपने साफ पानी के झरनों और नदियों के लिए भी जाना जाता है। यहां पेड़ों की जड़ों से प्राकृतिक पुल बने हुए हैं और ऐसे पुल केवल मेघालय में ही पाए जाते हैं। इस जगह पर आप साल के किसी भी महीने में जा सकते हैं।

खर्च: 15-20 हज़ार रुपए प्रति व्यक्ति

2. लाचुंग और लाचेन, सिक्किम

सिक्किम भी घूमने लायक जगह है। यहां का यह गांव पर्यटकों के घूमने के लिए बहुत अच्छी जगह है। दरअसल यह हनीमून डेस्टिनेशन्स के तौर पर भी खासा पॉपुलर है। यह लाचुंग, लाचेन और लाचुंग नदियों के किनारे पर स्थित है। नदी के किनारे बसे होने से इस गांव की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। बता दें कि यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून के बीच होता है।

खर्च -11 से 13 हजार रुपए प्रति व्यक्ति

4. माजुली, असम

बता दें कि माजुली भी एक कमाल की जगह है। यह असम के ब्रह्मपुत्र नदी के बीच बसा एक बड़ा नदी द्वीप है। यहां पर आप गावों में घूम सकते हैं। यहां राइस बीयर और ट्राइबल फूड फेमस है। यहां पर आप नाव से घूम सकते हैं।

बता दें कि यह द्वीप रास उत्सव, टेराकोटा और नदी पर्यटन के लिए मशहूर है। मिसिंग, देउरी, सोनोवाल, कोच, कलिता, नाथ, अहोम,नेराली और अन्य जातियों की मिली-जुली आबादी वाले माजुली को मिनी असम और संतरों की धरती भी कहा जाता है।

खर्च – 13 से 15 हजार रुपए प्रति व्यक्ति

5. नॉहकलिकई फॉल, चेरापूंजी

चेरापूंजी से करीब 7 किमी दूर स्थि‍त नॉहकलिकई फॉल भारत का 5वां सबसे ऊंचा वॉटर फॉल है। बता दें कि इस वॉटरफॉल के पीछे एक कहानी है। दरअसल कहते हैं कि का लिकई नाम की एक महिला थी, जिसने अपने पहले पति की मौत के बाद दूसरी शादी की। पहले पति से उसकी एक बेटी थी। का लिकई अपनी बेटी से बहुत प्यार करती थी और दूसरे पति को यह पसंद नहीं था।

फिर एक दिन लिकई किसी काम से बाहर गई थी और दूसरे पति ने उसकी बेटी की हत्या कर उसके टुकड़े को भोजन में डालकर पका दिया। लिकई लौटी तो उसे घर में बेटी की उंगली मिली, जिससे पूरा मामला खुला।

ऐसा बताया जाता है कि इसके बाद लिकई ने इसी वॉटरफॉल से कूदकर जान दे दी, जिसके बाद वॉटरफॉल का नाम नॉहकलिकई फॉल पड़ गया। बता दें कि खासी भाषा में नॉह का मतलब कूदना होता है।

खर्च – 8 से 10 हजार रुपए प्रति व्यक्ति

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.