कांग्रेस शासन वाले इस राज्य में सोशल मीडिया पर लगी पाबंदी, अगर की सरकार की आलोचना तो होगी कार्रवाई

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जब से मोदी सरकार सत्ता में आई तब से ही कांग्रेस अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल उठाती रही है। चाहे कोई रैली हो या फिर सोशल मीडिया, कोंग्रेस ने हर जगह मोदी सरकार पर यही आरोप लगाया है कि इनके आने से अभिव्यक्ति की आजादी खत्म हो गई लेकिन विडंबना देखिए कि उसी कोंग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया पर पाबंदी लगा दी गई है।

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जी हां, आपने बिलकुल सही सुना। दरअसल छत्तीसगढ़ पुलिस महानिदेशक ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को मीडिया या सोशल मीडिया में राज्य या केन्द्र सरकार सरकार की नीतियों एवं कार्यों की आलोचना करने पर अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सरकार की करी बुराई तो होगी कार्यवाही

आपको बता दें कि पुलिस महानिदेशक डी.एम.अवस्थी ने आज इस बारे में जारी परिपत्र में कहा कि अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 में ये साफ़ स्पष्ट है कि सदस्यों को किसी भी प्रकार का संचार माध्यम एवं अन्य साधनों में केन्द्र या राज्य के कार्य की आलोचना करना प्रतिबंधित है।

उन्होने इस बारे में राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सोशल मीडिया से सम्बधित जारी परिपत्र का भी जिक्र करते हुए कहा है कि इनकी अनदेखी करने पर सम्बधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारी की पोस्ट पर राज्य सरकार ने लिया था नोटिस

दरअसल पुलिस महानिदेशक ने यह परिपत्र राज्य के मंत्री के पत्र की अनदेखी करने पर सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक के पद से हटाए गए अधिकारी जितेन्द्र शुक्ला के सोशल मीडिया में की गई पोस्ट से उत्पन्न विवाद के बाद जारी किया गया है।

बता दें कि शुक्ला ने अपनी पोस्ट में सुकमा के पुलिस अधीक्षक के पद से हटाए जाने पर टिप्पणी की थी। दरअसल उनकी इस पोस्ट को राज्य सरकार ने अपने नोटिस में लिया है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार उनके खिलाफ जल्द ही कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर सकती है।

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