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अगर मोदी सरकार कर दे ये 5 ऐलान, तो लोकसभा चुनाव में पलट जाएगा पूरा खेल

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आगामी 1 फरवरी यानि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार अंतरिम बजट पेश करने जा रही है। हालांकि ये कहा जा रहा है कि इस बजट में एलान आने वाले चुनाव के मद्देनज़र होंगे। इसलिए ये माना जा रहा है कि आगामी आम चुनाव में माइलेज लेने के लिए सरकार कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं।

आज हम आपको ऐसी 5 संभावित घोषणाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जो आगामी लोकसभा चुनाव में पूरा खेल पलट सकती हैं। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो 5 संभावित घोषणाएं

1. इनकम सपोर्ट स्कीम

आपको याद हो कि राहुल गांधी ने अभी हाल में गरीबों को ‘न्यूनतम आय की गारंटी’ का वादा किया है। वैसे केंद्र सरकार द्वारा पहले से ही ऐसी ही एक स्कीम लाए किए जाने की चर्चाएं हैं, जिसे इनकम सपोर्ट स्कीम बताया जा रहा है।

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हालांकि घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक अगर बजट में इसका ऐलान होता है तो केंद्र सरकार पर सालाना 1.5 लाख करोड़ रुपए या केंद्र और राज्यों पर मिलाकर कुल जीडीपी का 0.70 % बोझ पड़ेगा।

2. किसानों के खाते में आएंगे इतने रुपए

माना जा रहा है कि मोदी सरकार किसानों के लिए आगामी बजट में राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है। नीति आयोग ने भी किसानों के खाते में सालाना 15 हजार रुपए सीधे खाते में भेजने की सिफारिश की थी। जिसका मतलब है कि किसान को हर फसल से पहले 7500 रुपए मिल जाएंगे।

बता दें कि इसका फायदा किसान क्रेडिट कार्ड से मिलेगा। एक आंकड़े में मुताबिक देश में करीब 3 करोड़ किसानों के पास क्रेडिट कार्ड है। हालांकि इनमें से आयकर के दायरे में आने वाले किसानों से इस सुविधा का फायदा नहीं मिलेगा।

3. 5 लाख रु हो सकती है इनकम टैक्स छूट की सीमा

मिडिल क्लास को लेकर भी केंद्र सरकार काफी गंभीर है। ऐसे में आगामी बजट में उनको लुभाने के लिए बड़ा फैसला लिया जा सकता है। टैक्स एक्सपर्ट्स की माने तो सरकार अगर इनकम टैक्स छूट की सीमा 5 लाख रुपए कर दे तो मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिल सकती है।

4. गोल्ड सेविंग बैंक अकाउंट खुल सकता है

एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार अंतरिम बजट में गोल्ड सेविंग अकाउंट लॉन्च कर सकती है। दरअसल इस योजना के अंतर्गत लोग इस खाते में नकद जमा कराएंगे और बैंक उतनी ही कीमत का सोना उस खाते में क्रेडिट कर देगा। इसके अलावा लोग सोने की सावधि जमा यानि कि आरडी भी कर पाएंगे।

5. हेल्थ इंश्योरेंस हो सकता है अनिवार्य

माना जा रहा है कि आगामी बजट में स्वास्थ्य बीमा उद्योग पर ख़ास ध्यान दिया जा सकता है। दरअसल इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की माने तो आम लोगों के बीच स्वास्थ्य बीमा के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने की परम आवश्यकता है। इसलिए माना जा रहा है कि एक आवश्यक कानून बनाकर स्वास्थ्य बीमा को भी अनिवार्य बनाया जा सकता है।

इसके अलावा अंतरिम बजट से स्वास्थ्य बीमा उद्योग को एक उम्मीद यह भी है कि उपभोक्ताओं को 5 वर्षों तक लेवल प्रीमियम यानि कि एक समान प्रीमियम चुकाने की सुविधा दी जाए और इसके लिए जीवन बीमा की तरह मासिक, त्रैमासिक, अर्ध वार्षिक और सीमित अवधि तक भुगतान करने जैसे विभिन्न भुगतान के विकल्प दिए जाएं।

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