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आगामी बजट में बीमा क्षेत्र में ये बदलाव कर सकती है मोदी सरकार, जानिए इसके बारे में

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साल 2019 के बजट में अब सिर्फ 2 दिन शेष हैं। ऐसे में आने वाले इस अंतरिम बजट में इंश्योरेंस क्षेत्र को बड़ी सौगात मिल सकती है. जी हां, दरअसल प्राप्त जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार इस सेक्टर में एक कमाल रिफॉर्म लाने जा रही है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इंश्योरेंस के दायरे में आ जाएंगे.

आज हम आपको उन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं।

1. टर्म इंश्योरेंस में हो सकता है ये फायदा

मालूम हो कि अभी तक इनकम टैक्स में सेक्शन 80C के अंतर्गत 1.50 लाख रुपए की छूट मिलती है. इसमें आपकी LIC, टर्म इंश्योरेंस और अन्य इंश्योरेंस शामिल होते हैं. हालांकि ये माना जा रहा है कि आने वाले बजट में सरकार टर्म इंश्योरेंस के लिए एक अलग कवर का निश्चय कर सकती है, जिसके तहत आपको 1.50 लाख रुपए के आलावा एक्स्ट्रा छूट मिलेगी.

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2. सभी तरह के इंश्योरेंस में घट सकती हैं जीएसटी दर

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल अभी आप जितने भी इंश्योरेंस लेते हैं उनमें आपको 18% की दर से GST का भुगतान करना पड़ता है. ऐसे में ये माना जा रहा है कि मोदी सरकार जल्द ही हर तरह के इंश्योरेंस प्रोडक्ट पर GST की दरें घटा सकती है.

3. होम लोन इंश्योरेंस पर भी मिल सकती है ये ख़ास छूट

बता दें कि अभी होम लोन पर आपको उसमें टैक्स की छूट मिलती है. लेकिन होम लोन के इंश्योरेंस की राशि पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती. दरअसल अब ये माना जा रहा है कि होम लोन इंश्योरेंस पर भी आप टैक्स छूट मिल सकती है.

4. हर कंपनी को देनी होगी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी

अभी तक फिलहाल यही ट्रेंड है कि कुछ कंपनियां आपको इंश्योरेंस पॉलिसी का फायदा देती हैं और कुछ कंपनियां कर्मचारियों को इंश्योरेंस देने से बचती हैं. ऐसे में सरकार हर कंपनी के लिए ये अनिवार्य कर सकती है कि सभी कर्मचारियों को इंश्योरेंस का फायदा मिले.

5. आयुष्मान भारत का दायरा बढ़ेगा

इसमें तो कोई दोराय नहीं कि केंद्र की मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना हिट रही है और इसको अच्छा खासा रिस्पॉन्स मिला है.

ज्ञात हो कि पिछले बजट में सरकार ने इसके लिए 1,200 करोड़ आवंटित किए थे. अब माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इस बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर 2 हजार करोड़ रुपए कर सकती है.

6. बोझ झेल रही कंपनियों में पैसा डालेगी सरकार

बता दें कि सरकार की आयुष्मान भारत योजना से इंश्योरेंस कंपनियों पर बोझ बढ़ गया. अब इस स्कीम में जैसे-जैसे लोग बढ़ेंगे कंपनियों पर वित्तीय बोझ और बढ़ेगा. ऐसे में सरकार उन खराब हालत वाली कंपनियों में 3 से 4 हजार करोड़ रुपए की पूंजी डाल कर उनकी मदद कर सकती है.

7. हो सकता है इन इंश्योरेंस कंपनियों में मर्जर

माना जा रहा है कि कर्ज का बोझा झेल रही सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का मर्जर हो सकता है. यूनाइटेड इंडिया, ऑरिएंटल और नेशनल इंश्योरंस की सेहत आजकल ठीक नहीं है तो ऐसे में सरकार इनमें पूंजी डालने के बाद इनके मर्जर की प्रक्रिया शुरू कर सकती है.

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