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इस तारीख से लागू हो जाएगा सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 % आरक्षण, जानिए सबकुछ

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लोकसभा चुनाव से पहले आर्थिक रूप से पिछड़े जनरल केटेगरी के लोगों को यानी की सवर्णों को 10 % आरक्षण का ऐतिहासिक एलान करने के पश्चात अब मोदी सरकार की प्लानिंग इसको लागू करने की है.

इसीलिए केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियां यानि कि सीपीएसई अपने यहां सभी सीधी भर्तियों में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों यानि कि ईब्ल्यूएस के लिए 10 % आरक्षण कोटे को 1 फरवरी से लागू करेंगी.

जानकारी के लिए बता दें कि भारत देश में कुल 339 सार्वजनिक क्षेत्र के सीपीएसई है, जिनमें 31 मार्च 2018 तक कुल 13.73 लाख करोड़ रुपये का निवेश है.

बता दें कि इन कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या 2016-17 में 11.55 लाख से 2017-18 में 10.88 लाख थी. मालूम हो कि इनमें संविदा और दैनिक भत्ते पर काम करने वाले शामिल नहीं हैं.

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आरक्षण लागू होगा सीधी भर्तियों में

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इस संबंध में कहा है कि, “सभी मंत्रालयों व विभागों से अनुरोध है कि वे अपने अधीन आने वाले सभी सीपीएसई में आर्थिक रूप से गरीब लोगों को 10 % आरक्षण लागू करें जोकि 1 फरवरी 2019 या इसके बाद अधिसूचित होने वाली सभी सीधी भर्तियों में लागू होगा.”

विभाग ने ये भी कहा है कि सार्वजनिक कंपनियों को 15 फरवरी से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर और अनारक्षित श्रेणी में उनके द्वारा की जाने वाली भर्ती के बारे में रिपोर्ट देनी होगी.

कौन आएगा दायरे में

बता दें कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग के आरक्षण की बवर्तमान शैली में नहीं आने वाले ऐसे लोग जिनकी वार्षिक आय आठ लाख रुपए से कम है उनको इस आरक्षण का लाभ मिलेगा.

कौन हैं दायरे से बाहर

मालूम हो कि 5 एकड़ या इससे ज्यादा कृषि भूमि वाले परिवारों, 1 हजार वर्ग फुट या इससे अधिक के आवासीय फ्लैट, नगर निगम क्षेत्र में 100 वर्ग गज या उससे अधिक की आवासीय भूमि और नगर निगमों के अधिसूचित इलाकों से बाहर के क्षेत्रों में 200 गज या इससे अधिक आवासीय भूमि के मालिकों को भी इस आरक्षण के दायरे से बाहर रखा गया है.

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