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योगी सरकार का जैनियों को ख़ास तोहफा, अखिलेश सरकार के बंद किए हुए प्रोजेक्ट को किया शुरू

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जैन धर्म मानने वालों के लिए यूपी से एक बेहद ही अच्छी खबर आई है। जी हां, दरअसल देश के पहले जैन सर्किट प्रोजेक्ट पर काम यहां पर अब शुरु हो गया है। रविवार से वाराणसी में इस प्रोजेक्ट की शुरूआत जैन धर्म के प्रमुख तीर्थंकर चंद्रप्रभुनाथ जी के मंदिर में विधिवत पूजन, भूमि पूजन और भूमि खनन के साथ हुई।

बता दें कि इस संबंध में अहमदाबाद के आनंदजी-कल्‍याणजी ट्रस्‍ट ने इस सर्किट को डिवेलप करने की जिम्मेदारी ली है। योगी सरकार भी इसमें सहयोग दे रही है। हालांकि इससे पहले जैन सर्किट परियोजना साल 2015 में एसपी सरकार के सामने आई आई थी लेकिन तब इसके संबंध में कुछ नहीं हुआ। बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 500 करोड़ रुपए है।

कशी नगरी बनेगी जैनों का तीर्थ स्थान

जैन धर्म के 24 में से चार प्रमुख तीर्थंकर पार्श्‍वनाथ (तेइसवें), सुपार्श्‍वनाथ (सातवें), त्रेयांसनाथ (ग्‍यारहवें) व चंद्रप्रभुनाथ जी (आठवें) का जन्‍मस्‍थलधर्म नगरी काशी के भेलूपुर, भदैनी, सारनाथ व चंद्रावती (चौबेपुर) इलाके में हैं।

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ये जैन सर्किट चारों प्रमुख तीर्थंकरों के जन्‍म स्‍थल को जोड़ेगा। इससे काशी नगरी हिन्‍दू व बौद्ध धर्म के साथ जैन धर्म के तीर्थ के रुप में भी उभरेगी। इन सभी सर्किट से जुड़े तीर्थ स्थलों के पुराने मंदिरों को चुनार के लाल पत्थरों से भव्य रुप दिया जाएगा।

पहले चरण में 100 करोड़ का आएगा खर्च

रिपाेर्ट के मुताबिक जैन सर्किट परियोजना के प्रथम फेज में 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस मंदिर में एक लाख के आसपास के सफेद मार्बल पत्‍थर लगाए जाएंगे। इसके अलावा 50 एकड़ एरिया में छोटा शहर बसाने की योजना है। इसके अलावा यहां बड़ी धर्मशाला और हॉस्पिटल भी बनेगा।

4 साल का लग गया समय

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जैन सर्किट परियोजना वर्ष 2015 में एसपी सरकार में सामने आई थी। लेकिन मामला ठंडे बस्‍ते में चला गया। बीजेपी की सरकार आने के बाद एक बार फिर इस ओर काम शुरू किया गया और आखिरकार अब जैनों के लिए खुशख़बरी आ ही गई।

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