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ISRO ने दिया छात्रों को तोहफा, बोले- आप सेटेलाइट बनाओ, लॉन्च हम करेंगे

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अब देश के छात्रों को सेटेलाइट बनाकर लॉन्च करने वाली समस्या से नहीं झूझना पड़ेगा क्योंकि इस काम में और कोई नहीं बल्कि देश की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो उनकी मदद करेगी। जी हां, दरअसल ISRO के चेयरमैन के सिवन ने देश के छात्रों से कहा है कि आप सेटेलाइट बनाइए और उसे इसरो को दीजिए वो इन्हें लॉन्च करेगा।

शिवन ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि छात्र इसरो द्वारा उपलब्ध कराए गए इस अवसर का पूरा लाभ उठाएंगे। ये नई लो कास्ट टेक्नालॉजी अंतरिक्ष में कई प्रेरणादायक प्रयोग करने में छात्रों की मदद करेगी.’

मालूम हो कि इससे पहले इसरो के पीएसएलवी-सी44 रॉकेट ने भारतीय सेना के उपग्रह माइक्रोसैट और छात्रों के उपग्रह कलामसैट लेकर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी है। जानकारों की माने तो कलामसैट दुनिया का सबसे हल्‍का सैटेलाइट है।

इसरो की इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनको बधाई दी है. बता दें कि इसके साथ ही भारत विश्‍व का पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने रॉकेट के चौथे स्‍टेज का अंतरिक्ष अभियान में सफलतापूर्वक इस्‍तेमाल किया है।

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मालूम हो कि यह पीएसएलवी की 46वीं उड़ान है। इसके वजन की बात करें तो इसरो ने बताया कि पीएसएलवी-सी 44 740 किलोग्राम वजनी है और इसको प्रक्षेपण के करीब 14 मिनट बाद 274 किलोमीटर ध्रुवीय सूर्य तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित कर दिया गया।

बता दें अब ये 10 सेंटीमीटर के आकार और 1.2 किलोग्राम वजन वाले कलामसैट को और ऊपरी कक्षा में स्थापित करेगा।

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