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अब आप चांद-सितारों की तरह आसमान में देख पाएंगे विज्ञापन, एक साथ देख पाएंगे करोड़ों लोग

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आज हम आपके लिए एक बेहद ही दिलचस्प खबर लेकर के आएं हैं। ये खबर बिलबोर्ड्स से जुड़ी है। बिलबोर्ड्स यानि बड़ी बड़ी होर्डिंग। जी हां, अभी तक आपने मल्टी नेशनल कंपनियों के प्रोडक्ट्स के विज्ञापन टीवी, न्यूजपेपर, इंटरनेट और सड़कों के किनारे लगे बिलबोर्ड्स यानि कि बड़ी बड़ी होर्डिंग्स पर देखे होंगे।

लेकिन इस संबंध में अब एक रूसी स्टार्टअप कंपनी इसको अलग लेवल पर ले जाने वाली है। जी हां, दरअलस StarRocket नाम की ये कंपनी अब इन विज्ञापनों को अंतरिक्ष में लगाने की योजना पर काम कर रही है।

अब ऐसे में अगर कंपनी का यह प्लान सफल होता है तो आपको आसमान में चांद-सितारों की तरह चमकते हुए विज्ञापन नजर आएंगे। बता दें कि कंपनी अंतरिक्ष में बहुत बड़े आकार के बिलबोर्ड्स को लगाएगी जिससे यह धरती पर मौजूद सभी 7 अरब लोगों को नजर आएं।

कैसे होंगे ये बिलबोर्ड्स

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बता दें कि स्पेस बिलबोर्ड्स छोटी-छोटी सैटेलाइट से मिलकर बनेंगे। हर एक बिलबोर्ड में 9.15 डायमीटर वाले रिफ्लेक्टिव सेल लगे होंगे। इन सैटेलाइट्स को रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा। ये पृथ्वी से 400 किमी की ऊंचाई पर चक्कर लगाएंगे और सूरज की राेशनी को रिफ्लेक्ट करेंगे जिससे बिलबोर्ड पर लिखे शब्द या उसपर बना लोगो पृथ्वी से दिखाई दे। बता दें कि यह एक साल तक अंतरिक्ष में रहेंगे और उसके बाद वातावरण में खुद ही जलकर नष्ट हो जाएंगे। कंपनी अपना ये ख़ास तरह का टेस्ट प्रोजेक्ट वर्ष 2021 तक लॉन्च करेगी।

Elon Musk की प्रेरणा लेकर बनाई ये योजना

बता दें कि स्टाररॉकेट कंपनी के सीईओ Vladilen Stinikov के मुताबिक यह प्रोजेक्ट उन्होंने Elon Musk और Peter Beck से प्रभावित होकर बनाया है।

दरअसल उन्होंने मस्क की कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि, “SpaceX की सफलता के बाद मुझे लगा कि सब कुछ मुमकिन है। जनवरी, 2018 में जब अमेेरिकी अंतरिक्ष कंपनी Rocket Lab ने अंतरिक्ष में ‘disco ball’ लॉन्च की तो मैंने भी कोशिश करने के बारे में सोचा।”

एक्सपर्ट्स ने उठाए इस पर कई सवाल

जानकारी के लिए एक बात आपको ये भी बता दें कि कंपनी की इस याेजना पर कई पर्यावरणविदों और साइंस एक्सपर्ट्स ने सवाल उठा दिए हैं। उनके अनुसार ऐसे बिलबोर्ड्स को अंतरिक्ष में भेजना खतरे से खाली नहीं होगा। ये विज्ञापन बोर्ड अंतरिक्ष में कचरे के तौर पर जमा होते जाएंगे।

दरअसल कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरिक्ष में कचरा और कबाड़ की तादाद बढ़ती जा रही है। एक आंकड़े के अनुसार अंतरिक्ष में इस समय तकरीबन 20 हज़ार ऑब्जेक्ट्स चक्कर काट रहे हैं। बताया गया है कि इनमें से सिर्फ 10 % सक्रिय सैटेलाइट हैं बाकी निश्क्रिय सैटेलाइट या पूराने रॉकेट या स्पेसक्राफ्ट के हिस्से हैं।

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