Loading...

अब देश में जल्द ही मिलना बंद हो जाएगा मिट्टी का तेल, सरकार को होगी 4,555 करोड़ रुपए की वचत

0 18

भारत देश के हर घर में और हर कोने में बिजली आैर एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने के पश्चात अब मोदी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जी हां, दरअसल प्राप्त जानकारी के मुताबिक देश में जल्द ही मिट्टी का तेल यानी कैरोसिन का तेल मिलना बंद हो जाएगा।

इस बात पर स्वयं बिजली मंत्री आरके सिंह ने मोहर लगाई है। दरअसल उनका कहना है कि देश में बिजली आैर गैस कनेक्शन होने के बाद कैरोसिन आॅयल की आवश्यकता नहीं होगी। इसके साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही 4500 करोड़ रुपए की सब्सिडी की भी सीधी बचत होगी।

तो फिर चलिए आपको बताते हैं कि सरकार कैरोसिन आॅयल को लेकर क्या कदम उठाने जा रही है.

कैरोसिन ऑयल हो जाएगा लुप्त

Loading...

इस विषय में बिजली मंत्री आरके सिंह ने अपने विचार रखे हैं और उन्होंने कहा है कि, ‘देश में मोदी सरकार ने सभी लोगों आैर घरों को बिजली देने का वादा पूरा कर दिया है। यही वजह है कि अब कैरोसिन को खत्म करने काफी जरूरी हो गया है।”

सब्सिडी नहीं देने से सरकार को मिलेगी राहत

बता दें कि मोदी सरकार के इस कदम से कैरोसिन पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपए की सब्सिडी से मोदी सरकार को एक बड़ी राहत मिल जाएगी।

बता दें कि वर्तमान चालू वित्त वर्ष में केरोसिन सब्सिडी के लिए सरकार ने 4,555 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। दरअसल अब जब देश के ज़्यादातर राज्यों के सभी घरों को बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है तो इसके आधार पर जिन घरों तक बिजली पहुंच गई है उन्हें अब केरोसिन की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

कैरोसिन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

एक आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2005-06 में पूरे देश में 95.41 लाख मीट्रिक लीटर केरोसिन की खपत देश में हुई थी जो वर्ष 2018-19 के पहले 10 महीने में घट कर महज 26.29 लाख मीट्रिक लीटर रह गई है।

बता दें कि उज्ज्वला योजना के तहत 6 करोड़ गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिला है।

ये भी मालूम हो कि दिल्ली, पंजाब, आंध्र प्रदेश, हरियाणा जैसे कई राज्य पहले से ही केरोसिन मुक्त हैं।

बता दें कि अभी देश में तकरीबन 6500 केरोसिन डीलर हैं।

इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अध्ययन से पता चला था कि 41 % केरोसिन का इस्तेमाल मिलावट के लिए किया जाता है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.