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किसानों की आमदनी में इजाफा करने के लिए बिहार सरकार अब लाने वाली है ये खास योजना

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किसानों का मुद्दा इन दिनों काफी गर्म है. यही कारण है कि कोई भी राजनितिक पार्टी इसको लेकर किसी भी प्रकार का कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. इसीलिए सभी सरकारें अपने अपने सीमा क्षेत्र में जो भी हो सकता है किसानों के लिए अच्छी और बेहतर योजनाएं लाने के लगी हुई हैं. इसी कड़ी में अब नितीश कुमार की बिहार की सरकार भी आ गई है.

दरअसल बिहार सरकार ने दूध उत्पादन से जुड़े किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया है.

जी हां, और इस संबंध में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी अपने विचार रखे हैं। उन्होंने कहा है कि अगले वित्तीय वर्ष यानि वर्ष 2019-20 में बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड यानि कि कम्फेड द्वारा समस्तीपुर में 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के डेयरी प्लांट और भोजपुर के बिहिया में 300 मीट्रिक टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता के पशु आहार कारखाने लगाए जाने की योजना है.

मालूम हो कि चंपारण जिले के मठबनवारी में 11 महीने के रिकॉर्ड समय में बन कर तैयार हुआ मदर डेयरी के प्लांट का बीते शनिवार को उद्घाटन किया गया था.

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बताया गया है कि इस प्लांट द्वारा आने वाले मार्च के महीने से 1250 गांवों के 50 हजार किसानों की मदद से प्रतिदिन 2 लाख लीटर दूध का संग्रह किया जा सकेगा.

कयास लगाए जा रहे हैं कि इस प्लांट के खुलने से अब बिहार में सुधा एवं मदर डेयरी दोनों मिलकर किसानों से दूध खरीदेंगी. इससे सबसे बड़ा फायदा किसानों को होगा क्योंकि उनकी आमदनी में इजाफा हो जाएगा और दूसरी तरफ राज्य में पशुपालन की स्थिति और ज्यादा बेहतर हो जाएगी.

उपमुख्यमंत्री के अनुसार डेयरी स्थापित करने वाले किसानों को सरकार द्वारा 50 % तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को 66 % अनुदान दिए जाने की योजना है.

उन्होंने ये भी कहा कि किसानों की आमदनी केवल धान गेहूं की खेती करने से दोगुनी नहीं होगी बल्कि इसके लिए समग्र रूप से वानिकी डेयरी मछली एवं मुर्गी पालन को अपनाना होगा.

मोदी ने कहा कि फिलहाल बिहार में प्रतिदिन 18 लाख किलो दूध का संग्रह व 14 लाख लीटर की मार्केटिंग सुधा डेयरी द्वारा की जा रही है. आने वाले समय में किसानों के लिए और बेहतर योजनाएं लाएंगे जिससे उनका फायदा हो.

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