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अब Google खोलेगा नेताओं की सारी पोल, लोगों को देगा उनके खर्च की पूरी जानकारी

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वोटर होने के नाते हम सब यही उम्मीद करते हैं कि चुनावो में पारदर्शिता बनी रहे और सुचारू रूप से चुनावी प्रक्रिया संपूर्ण हो। बता दें कि अब आप ये चिंता करना त्याग दीजिए क्योंकि अब आपकी चिंता स्वयं गूगल दूर करेगी।

जी हां, दरअसल मई में होने वाले लोकसभी चुनावों में पारदर्शिता बनी रहे और वोटर्स सही नेता का चुनाव कर सकें इसके लिए गूगल एक बड़ा काम करने जा रहा है।

Google ने इस पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए हैं। गूगल ने मंगलवार को कहा कि वह चुनाव से पहले भारत पर केंद्रित Political Advertising Transparency Report और Political Ads Library जारी करेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस रिपोर्ट और लाइब्रेरी में लोगाें को पूरी जानकारी मिलेगी कि किस नेता ने गूगल के प्लेटफॉर्म पर कितने election ad खरीदे और उसके लिए कितना रुपया खर्च किया गया।

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चुनाव आयोग से लेनी होगी अनुमति

बता दें कि गूगल ने जो इलेक्शन ऐड पॉलिसी बनाई है उसके अंतर्गत देश में इलेक्शन संबंधी विज्ञापन चलाने वाले लोगों को Election Commission of India यानि कि चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त किसी व्यक्ति से मिला हुआ ‘pre-certificate’ दिखाना होगा।

मालूम हो कि हर नए विज्ञापन के लिए नया सर्टिफिकेट देना होगा। सिर्फ यही नहीं, बता दें कि अगर आप विज्ञापन देते हैं तो गूगल आपकी आइडेेंटिटी भी वेरीफाई करेगा। मालूम हो कि वेरिफिकेशन की यह प्रक्रिया 14 फरवरी काे शुरू होगी।

चुनावों को पारदर्शी बनाना है

Google India के एक अधिकारी के मुताबिक, “2019 में 85 करोड़ से भी अधिक भारतीय आम चुनावों में अपना वोट डालेंगे। हम चुनावों के बारे में काफी सोच-विचार कर रहे हैं इसी क्रम में हम चुनावों की ऑनलाइन एडवर्टाइजिंग में पारदर्शिता लाने की कोशिश कर रहे हैं।”

डिजिटल ऐड कारोबार है 10 हज़ार करोड़ का

एक रिपोर्ट की मानें तो भारत में डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग काफी तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान समय में डिजिटल ऐड पर 10,819 कराेड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। मालूम हो कि यह पूरी एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री का 17 % है।

वहीं फिलहाल ये 31.9 % की रफ्तार से बढ़ रही है। ऐसा अनुमान है कि 2019 में ये 14,281 करोड़ रुपए का भी हो सकता है।

चुनावी जानकारियां मिलेंगी आसानी से

बता दें कि Google अपने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube पर, सर्च पेज पर और Adsense व Adwords नाम के प्राेग्राम के जरिए ऐड चलाता है। इसकी वजह से चुनाव से संबंधित जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

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