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40 साल पहले ही मर चुके शख्स के पेट में पड़े हुए बीज से गया गया पेड़, तो खुल गया हत्या का राज

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क्या कोई व्यक्ति मरने के बाद जिंदा हो सकता है? जाहिर है कि इस सवाल का जवाब सभी ना में ही देंगे लेकिन ग्रीस में ऐसा हुआ है जहां ये माना जा रहा है कि एक व्यक्ति मर कर लौट आया है।

दरअसल ग्रीस में इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है जहां एक शख्स 40 साल पहले मर गया था पर एक बार फिर लोगों के सामने है हालांकि वो उसी रूप में नहीं आया है। दरअसल इसकी वजह है एक अंजीर का पेड़ जो उसकी कब्र पर उग आया है।

कहा जा रहा है कि ये शख्स जब मरा तो उसके पेट में अंजीर का एक बीज था अब वो पेड़ बन कर उसको दफनाने की जगह पर उग आया है। और यही कारण है कि ये व्यक्ति अब चर्चा में है मरने के बाद भी।

हत्या के कारण हुर्इ थी मौत

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खबरों की माने तो आज से करीब 40 साल पहले अहमेट का कत्ल किया गया था। दरअसल वर्ष 1974 में हर्ग्यूनर को ग्रीक और टर्किश संघर्ष के दौरान मार दिया गया था। सालों तक उसका शव या उससे जूड़ी कोर्इ खबर नहीं मिली लेकिन जब अंजीर का ये पेड़ दिखार्इ दिया आैर उस स्थान पर छानबीन की गई तब उसकी मौत की सच्चार्इ भी सबके सामने आर्इ।

दरअसल जांच में पता चला कि साइप्रस में हर्ग्यूनर और उसके एक अन्‍य साथी को गुफा के अंदर डाइनामाइट से उड़ा कर दफना दिया गया था। उस धमाके से ही गुफा में एक छेद बन गया जिससे सूरज की रोशनी उस जगह पर पहुंचने लगी।

इसी धूप की वजह से अहमेट के पेट में पड़ा अंजीर का बीज विकसित हुआ आैर जल्दी ही वहां उसका पौधा उगा। समय बीतने पर वही पौधा एक बड़ा अंजीर का पेड़ बन गया।

अंजीर के पेड़ से पैदा हुआ शक

दरअसल सर्वप्रथम साल 2011 में एक शोधकर्ता ने इस बात पर गौर किया कि उस इलाके में अंजीर का पेड़ उगना काफी असमान्य बात है आैर उस पर भी एक गुफा के अंदर पेड़ होना तो और हैरान करने वाली बात है।

इसके बाद जांच में पता चला कि उस पेड़ की नीचे एक लाश दबार्इ गर्इ थी और जांच में ये भी पता चला कि मृतक ने मरने से पूर्व कुछ समय पहले अंजीर खार्इ होगी या किसी आैर इसी वजह से उसका बीज उसके पेट में होगा।

बहन ने सुनार्इ पूरी कहानी

अब अहमेट की बहन मुनूर हर्ग्यूनर सामने आर्इ है आैर उन्होंने अपने भार्इ की कहानी सबको बताई है। उसने बताया कि वे जिस गांव में रहते थे वहां करीब चार हजार लोग थे जिनमें आधी आबादी ग्रीक और आधी आबादी तुर्की की थी।

वर्ष 1974 में जब तनाव शुरू हुआ तो उनका भाई टर्किश रसिस्‍टेंट ऑर्गेनाइजेशन का सदस्य बन गया था। उसी साल जून के महीने में उसको ग्रीक के लोग उठा ले गए। जिसके बाद बहुत तलाशने पर भी उसका पता नहीं चला।

अंजीर के पेड़ ने दरसल उन्हें अपने भार्इ के बारे में जानकारी उपलब्ध करार्इ जब उनके ब्लड सैंपल आैर बरामद लाश के डीएनए आपस में मैच कर गए।

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