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क्या आप जानते हैं कि भारत में अब वाहनों की लाइट दिन में भी क्यों जलती रहती है, अगर नहीं तो जानें

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शायद आप लोगो ने ये नोटिस न किया हो लेकिन आपको बता दें कि आजकल जो गाड़ियां आ रही हैं उनमें दिन में भी लाइट जलती रहती हैं। बता दें कि ये सब नई गाड़ियों के साथ ही हो रहा है। लेकिन ऐसा है क्यों और इसके पीछे की वजह क्या है। ये आज हम आपको बताएंगे।

दरअसल कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने बीएस-3 वाले वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। इस रोक के बाद ऑटो कंपनियों द्वारा बीएस-3 ईंधन से चलने वाले वाहनों का उत्पादन भी समाप्त हो गया था और तब से कम्पनियाँ केवल बीएस-4 ईंधन से चलने वाले वाहनों का ही उत्पादन कर रही हैं।

बता दें कि बीएस-4 ईंधन से चलने वाले इस इंजन का नया फीचर यह है कि इसमें वाहन का इंजन स्टार्ट होते ही वाहन की हेडलाइट भी जल जाती है।

इसका मतलब ये हुआ कि जब तक दोपहिया वाहन का इंजन स्टार्ट रहेगा तब तक हेडलाइट ऑन रहेगी। यानि कि वाहन चालक इसे चाहकर भी बंद नहीं कर पाएंगे।

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दरअसल इसके पीछे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाएं हैं। जी हां, इन दुर्घटनाओं का एक कारण ये भी है कि भारत में दिन में किसी गाड़ी में लाइट नहीं जलती जिससे कई बार एक्सीडेंट हो जाता है। स्वयं सरकार ने इससे संबंधित एक रिपोर्ट पेश की थी जिसमे बताया गया कि था कि दिन में लाइट न जलना भी एक बहुत बड़ा कारण बताया गया था जिससे सड़क हादसे होते थे।

वैसे जानकारी के लिए बता दें कि गाड़ियों में दिन में हेडलाईट जलाने का नियम यूरोपीय देशों में पहले से ही लागू है जिसके कारण वहां पर वाहन दुर्घटनाएं कम होतीं हैं।

दिन में लाइट जलाने के क्या हैं फायदे

बता दें कि दिन में लाइट जलाने का सबसे बड़ा फायदा उस समय होता है जब धूल, बरसात, घने कोहरे और भारी ट्रैफिक में वाहन चालक दूसरे वाहनों को देख पाएंगे और इस वजह से हादसों में कमी आएगी।

इसके अलावा साधारण तौर पर भी जब सामने से आ रहे वाहन की लाइट चमकती है तो विपक्षी ड्राईवर सतर्क हो जाता है जिससे एक्सीडेंट की संभावना कम हो जाती है।

कब से लागू है नियम

वैसे ये भी एक अजीब विडंबना है कि ये नियम पिछले दो साल से चालू है लेकिन फिर भी बहुत कम लोग इस बारे में जानते हैं। जी हां, दरअसल दिन में लाइट जलने का नियम 1 अप्रैल 2017 से लागू कर दिया गया है।

भारत के अलावा कहां कहां है ये नियम

बता दें कि भारत के अलावा यूरोपीय देशों में वर्ष 2003 से डे टाइम रनिंग लाइट्स यानि कि DRL का नियम लागू है।

आइए जानते हैं कि कौन से हैं वो यूरोपीय देश:

1. इटली

2. हंगरी

3. रोमानिया

4. बुल्गारिया

5. चेक गणराज्य

6. एस्टोनिया

7. कोसोवो

8. लातविया

9. लिथुआनिया

10. मैसेडोनिया

11. मोंटेनेग्रो

12. पोलैंड

मालूम हो कि यूरोप के अलावा यह नियम कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन में भी लागू है।

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