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महिलाओं के लिए LIC लाया ये खास योजना, सुरक्षा के साथ उठाएं बोनस का फायदा

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आज हम आपको LIC की एक कमाल की योजना के बारे में बताने जा रहे हैं। जी हां, ये मार्केट से संबंधित या उससे जुड़ी हुई योजना नहीं है. दरअसल ये एक आधार शिला योजना एक गारंटीड रिटर्न एंडोमेंट योजना है. इसकी खास बात यह है कि ये जीवन बीमा योजना लाभ के साथ है, मतलब ये कि इसमें आपको बोनस की सुविधा का लाभ दिया जाता है.

बता दें कि इसे खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बनाया गया है, जिनके पास भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानि कि UIDAI द्वारा दिया गया आधार कार्ड उपलब्ध है.

इसकी खास बात यह है कि ये योजना मेच्योरिटी से पहले आपकी आपके न रहने पर आपके परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती है. और अगर आप पॉलिसी अवधि तक जीवित रहती हैं तो आपको म्येच्योरिटी पर एक निर्धारित राशि का भुगतान किया जाता है.

आइए जान लेते हैं इस योजना के लाभ:

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1. मृत्यु लाभ

A) बता दें कि अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु पॉलिसी शुरू होने के पहले 5 वर्ष में होती है तो उसे मृत्यु पर मिलनेवाले लाभ का भुगतान किया जाता है.

B) वहीं अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु पॉलिसी शुरू होने के 5 वर्ष बाद लेकिन मेच्योरिटी से पहले होती है तो ऐसे केस में उसके नॉमिनी को मृत्यु पर मिलनेवाला बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिसन्स (अगर कुछ है तो) का भी भुगतान किया जाता है.

यहां पर मृत्यु पर मिलनेवाले बीमित रकम का अर्थ है निम्नलिखित में से अधिकतम

वार्षिक प्रीमियम का 10 गुणा या

मूल बीमित रकम का 110%

मृत्यु लाभ, मृत्यु तक भरे हुए कुल प्रीमियम के 105% से कम नहीं होना चाहिए.

2) मेच्योरिटी लाभ

अब तीसरे केस की बात कर लेते हैं। जोकि है कि अगर पालिसी धारक पूरे पालिसी अवधि तक जीवित रहती है और उसने अपने सारे बकाया प्रीमियम का भुगतान किया है, तो उसे मैचुरिटी पर मिलनेवाले बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिसन्स (अगर कुछ है तो) का भी भुगतान किया जाता है.

3) लॉयल्टी एडिसन्स

आइए जान लेते हैं कि लॉयल्टी एडिसन्स क्या होता है। दरअसल अगर आप पालिसी में 5 वर्ष तक बने रहते हैं, और आपने सारे प्रीमियम्स का भुगतान किया है, तो इस योजना के तहत आपकी पालिसी अवधि के दौरान मृत्यु होने पर या मैचुरिटी पर, लॉयल्टी एडिसन पाने के योग्य होते हैं.

क्या है योग्यता की शर्तें

इसमें योग्यता की निम्नलिखित शर्ते हैं:

बीमित रकम: न्यूनतम- 75,000 रुपये

अधिकतम : 3,00,000 रुपये

पॉलिसी अवधि: 10-20 वर्ष

प्रीमियम भुगतान की अवधि: चुने गए पालिसी अवधि तक

पॉलिसी धारक की प्रवेश आयु: 8 से 55 वर्ष

मैचुरिटी पर आयु: 70 वर्ष

पेमेंट भुगतान मोड: वार्षिक, अर्ध वार्षिक, त्रैमासिक या मासिक

क्या है योजना के अंतर्गत अन्य शर्तें:

रिवाइवल

ऐसी पॉलिसी जो बंद हो गई है, और पेड अप पर चल रही है, उसको फिर से रिवाइव किया जा सकता है. पर इसे रिवाइव आखिरी भरे हुए प्रीमियम से दो साल के अंदर ही किया जा सकता है.

ग्रेस पीरियड

ये तो हम सब जानते हैं कि नियमित रूप से तय तारीख पर प्रीमियम का भुगतान जरूरी है. हालांकि अगर किसी कारण से आप तय तारीख पर प्रीमियम का भुगतान नहीं कर सके, तो एलआईसी द्वारा आपको प्रीमियम के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय दिया जाता है.

यह समय 30 दिन और 15 दिन का होता है. 30 दिन का अतिरिक्त समय उनको दिया जाता है जो वार्षिक, छमाही या तिमाही तौर पर प्रीमियम का भुगतान करते हैं. 15 दिन का अतिरिक्त समय उनको दिया जाता है जो मासिक तौर पर प्रीमियम का भुगतान करते हैं.

पेड अप वैल्यू

अब मान लीजिए कि अगर ग्रेस पीरियड में भी प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है, तो पॉलिसी बंद हो जाती है. अगर कम से कम तीन वर्षों के प्रीमियम का भुगतान किया गया है, तो तो पॉलिसी, पेड अप पॉलिसी में बदल जाती है.

सरेंडर वैल्यू

मालूम हो कि अगर पॉलिसी धारक चाहे तो पालिसी सरेंडर कर सकता है, और सरेंडर मुल्य प्राप्त कर सकता है. लेकिन सरेंडर मुल्य तभी लागू होती है जब आपने पालिसी के तहत पहले तीन वर्ष का प्रीमियम भरा है.

बता दें कि पॉलिसी सरेंडर करने पर गारंटीड सरेंडर वैल्यू और स्पेशल सरेंडर वैल्यू में से जो भी अधिक है उसका भुगतान किया जाता है.

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