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पेट दर्द-बुखार जैसी बीमारियों की ये 80 दवाएं हो गई है बैन, बिना मंजूरी के बिक रही थी 15 साल से

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ये जानकर आप हैरान रह जाएंगे की भारत में करीब 15 साल से पेटदर्द, बुखार, ब्लड प्रेशर और अनिद्रा जैसी बीमारियों की 80 ऐसी दवाएं हैं जिन्हें बनाने या बेचने की अनुमति केंद्र सरकार से नहीं ली गई थी उनका धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा था। डॉक्टर से लेकर मेडिकल स्टोर सभी यही दवाएं लोगो को देते थे छोटे मोटे इलाज के लिए। लेकिन अब ये दवाएं बैन होने जा रही हैं।

11 जनवरी से लग चुका है बैन

बता दें कि इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवाएं बैन करने का गजट नोटिफिकेशन 11 जनवरी को जारी कर दिया था।

दरअसल ये दवाएं दूसरी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले सॉल्ट से मिलकर बनाई जा रही हैं। और इन्हें सेहत के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।

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दरअसल सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन यानि सीडीएससीओ के एक अफसर ने बताया कि नई दवा को बाजार में लाने के लिए सबसे पहले सीडीएससीओ से अनुमति लेनी पड़ती है। लेकिन, इन 80 दवाओं को बनाने के लिए अनुमति नहीं ली गई।

ये कंपनियां बेच रहीं उन दवाओं को

इन्टास, एबॉट, एरिस्टो, एल्केम, सिप्ला, मैनकाइंड जैसी कई कंपनियां इस तरह की फिक्स डोज कॉम्बिनेशन वाली दवाएं बना रही हैं।

विकसित देशों में ऐसी दवाएं बनाना है कानूनन जुर्म

आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल का कहना है कि विकसित देशों में ऐसी दवाएं बनाना अपराध है। सिर्फ भारत जैसे कुछ विकाससील देशों में इस मामले में काफी ढील दी जाती रही है।

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