Loading...

मोदी सरकार ने दिया हज यात्रियों को बड़ा तोहफा, अब हज जाने में इतने रुपए की आएगी कमी

0 21

अगर आप हज यात्रा की प्लेनिंग कर रहे हैं या हज यात्रा बढ़े खर्च के मारे नहीं जा पाते हैं तो आपको बता दें कि मोदी सरकार आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर के आई है.

जी हां, दरअसल केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हज यात्रा पर जीएसटी दर में आयी कमी की बात करते हुए बुधवार को कहा कि इससे किराए में भारी कमी आएगी जिससे हज यात्रियों को बहुत फायदा होगा.

नकवी ने यह भी कहा कि 2018 की तरह इस साल भी भारत से 2,300 से ज्यादा मुस्लिम महिलाएं बिना ‘मेहरम’ यानि कि पुरुष रिश्तेदार के हज यात्रा पर जाएंगी.

बता दें कि नकवी ने सऊदी अरब हज कांसुलेट, हज कमिटी ऑफ़ इंडिया एवं अन्य सम्बंधित एजेंसियों के साथ मिल कर हज 2019 की प्रक्रिया तय समय से तीन महीने पहले शुरू कर दी है ताकि हज 2019 बेहतरीन और बिना किसी परेशानी के शानदार तरीके से हो.

Loading...

किराए होगा और कम

अल्पसंख्यक मंत्री नकवी ने कहा कि हज यात्रा पर लगने वाले जीएसटी को 18 % से घटा कर 5 % कर दिया गया है.

इससे इस साल यानि कि वर्ष 2019 में हज यात्रा पर जाने वाले हज यात्रियों को 113 करोड़ रुपये की बचत होगी. जाहिर है कि इससे हजयात्रा के लिए लगने वाले किराए में भी कमी आएगी.

आइए जान लेते हैं कि अलग अलग जगह से इस बार हज जाने में खर्चे में कितनी कमी आएगी:

मुख्तार अब्बास नकवी के मुताबिक निम्नलिखित जगहों से हज पे जाने के लिए इतने पैसे कम लगेंगे:

श्रीनगर से 11377.07 रुपये,

अहमदाबाद में 7305.95 रुपये,

औरंगाबाद में 9373.68 रुपये,

दिल्ली में 7967.62 रुपये,

गया में 11027.85 रुपये,

गुवाहाटी में 13049.63 रुपये,

रांची में 11946.84 रुपये,

कोलकाता में 9787.22 रुपये,

हैदराबाद में 7204.87 रुपये की कमी आएगी.

महिलाएं जाएंगी बिना लॉटरी के हज पर

नकवी के मुताबिक हज 2019 के लिए बिना मेहरम के हज पर जाने के लिए 2,340 मुस्लिम महिलाओं ने आवेदन किया है. पिछले वर्ष की तरह ही बिना मेहरम के हज पर जाने के लिए आवेदन करने वाली इन महिलाओं को बिना लॉटरी के हज यात्रा पर जाने की व्यवस्था की गई है.

एक और दिलचस्प आंकड़ा मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया हज से जुड़ा हुआ. उन्होंने कहा कि हज 2019 के लिए 2 लाख 67 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 1,64,902 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं।

नकवी ने बताया कि साल 2018 में आजादी के बाद पहली बार रिकॉर्ड 1 लाख 75 हजार 25 भारतीय मुसलमान बिना “सब्सिडी” के हज के लिए गए जिनमे लगभग 48 % महिलाएं थीं.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.