केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर के सभी कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक वाहन से चलने का दिया आदेश

0 23

देश में तेज़ी से बढ़ता प्रदूषण एक प्रमुख कारण हैं जिसकी वजह से सरकार अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दे रही है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक मुहिम शुरू की है।

इसकी शुरुआत केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने मंत्रालय से की। उन्होंने नार्थ ब्लॉक में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का शुभारंभ किया।

EESL के साथ किया है करार

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन के संचालन के लिए एनर्जी एफिशिएंसी सर्विस लिमिटेड यानी कि EESL के साथ एक करार किया है।

मालूम हो कि इसके अंतर्गत 15 इलेक्ट्रिक वाहनों का लिया जाएगा। साथ ही इसकी चार्जिंग के लिए दिल्ली के साऊथ ब्लॉक में 28 चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाएंगे।

बता दें कि इसमें 24 स्लो चार्जिंग प्वाइंट होंगे, जबकि 4 फास्ट चार्जिंग प्वाइंट होंगे।

25 लाख रुपए बचत का है अनुमान

वित्त मंत्रालय के अनुसार ऐसा करने से सरकार को 25 लाख का फायदा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनो के उपयोग से सालाना 36 हजार लीटर फ्यूल की बचत होगी जिसकी खरीद पर करीब 25 लाख का खर्च आता है। जाहिर है किस इससे सरकार को फायदा होगा।

इसके अलावा ये पर्यावरण के लिए भी लाभकारी साबित होगा क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से सालाना तौर पर 440 टन कार्बन डाई आक्साइड की बचत की जा सकेगी।

सरकारी कर्मचारियों चलें इलेक्ट्रिक वाहनों से

इसी संबंध में वित्त मंत्रालय ने दिल्ली एनसीआर के सभी सरकारी ऑफिस में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को लेकर एक आदेश भी जारी किया है। इसके अंतर्गत सभी से ये अपील की गई है कि वो इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें और वातावरण को प्रदूषण से हो रहे नुकसान से बचाने का हर संभव प्रयास करें।

इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों को मिलेगा ये लाभ

बीता दें कि चूंकि सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियां को बनाने और इनको खरीदने वालों को प्रोत्साहित कर रही है इसीलिए इन्हें बनाने वाली कंपनियों और इन्हें खरीदने वाले ग्राहकों सरकार की तरफ से कई इंसेंटिव दिए जा सकते है। हालांकि इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.