हर बात पर टोकती थी बड़ी बहन, छोटी बहन ने अपने आशिक के साथ मिलकर कर दी हत्या, और फिर..

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5 दिन पहले ढोकलिया गांव में एक महिला का शव मिलने से हाहाकार मच गया था। सोमवार को पुलिस ने इस मामले में खुलासा करते हुए कहा कि महिला की हत्या और किसी ने नहीं बल्कि उसकी छोटी बहन ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। बड़ी बहन को छोटी बहन का प्रेम संबंध पसंद नहीं था। वह छोटी बहन से इसी कारण नाराज रहती थी। बार बार टोकने की आदत से तंग आकर एक दिन छोटी बहन ने हत्या करने की साजिश रची। 30 दिसंबर को बड़ी बहन शांति को छोटी बहन मंजू ने अपने गांव चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी बुलाया। शांति आपने पति से ₹2000 लेकर अपनी छोटी बहन से मिलने पहुंची। जहां पर छोटी बहन और उसके प्रेमी किशन ने शांति की हत्या की साजिश रची।

पुलिस ने बताया कि 31 दिसंबर को दोनों बहन को घुमाने के बहाने बाइक पर ले गए थे। देर शाम तक किशन व उसकी प्रेमिका हत्या करने की जगह ढूंढते रहे,लेकिन उन्हें कोई मौका नहीं मिला। जिसके बाद 1 जनवरी की रात दोनों ने शांति की गला घोटकर के हत्या कर दी। दोनों ने शव को बक्से में डालकर बाइक से 80 किलोमीटर दूर लेकर पहुंचे और शव फेंक कर भाग गए। उन दोनों ने शांति के गहने भी खोल दिए थे। ताकि पुलिस का शक उसके पहले पति पर जाए। बता दें कि शांति की यह दूसरी शादी थी। अपने पहले पति को छोड़ आई थी।

अपनी बड़ी बहन की हत्या करने वाली मंजू ने बताया कि उसकी बड़ी बहन को किशन से उसके संबंध पसंद नहीं थे। वे उसे नाराज रहती थी। बड़ी बहन का कहना था कि संबंध रखने से परिवार की काफी बदनामी हो रही है। इसी कारण भाई नारायण की शादी भी नहीं हो पा रही है। कई बार इस बात को लेकर दोनों बहनों के बीच काफी झगड़ा भी हुआ है। इसके बाद उन्होंने हत्या की साजिश रची। दोनों ने साड़ी का फंदा बनाकर उसका गला घोट दिया।

हत्या के आरोपी मंजू ने बताया कि उसने अपनी बड़ी बहन की गला घोटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद उसने शव को बक्से में रखा। उसने बताया कि उसका प्रेमी किशन बाइक चला रहा था और वह पीछे बक्सा लेकर बैठी थी। दोनों रात में बाइक पर निकले थे। ताकि किसी को भी उन पर शक ना हो। दोनों इतने डरे सहमे हुए थे कि उन्होंने कहीं पर बाइक भी नहीं रोकी और 80 किलोमीटर दूर ढोकलिया गांव पहुंच गए। गांव से पहले तालाब के पास शव निकाल कर फेंक दिया। पुलिस ने ढोकलिया निवासी पहले पति से पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान ये बात सामने आए कि शांति देवी 5 वर्षों से कभी ढोकलिया गाव नहीं गई थी। शांति के बस्सी जाने की बात सामने आने पर पुलिस की नजर मंजू पर बनी हुई थी।

इस मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है। जिसमें शाहपुरा सीओ भोमाराम वा कोटड़ी सीओ कृष्णकांत चौधरी को भी शामिल किया गया है। पुलिस ने इस मामले को सुलझाते हुए हत्या के छठे दिन शांति की कातिल बहन और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।

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