Loading...

RBI ने जारी किए चौंका देने वाले आंकड़े, एक साल में बैंकों के साथ हुई 41,167 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी

0 24

इस साल हमने नीरव मोदी, विजय माल्या जैसे नाम खूब सुने। ये नाम खूब चर्चा में रहे और ऐसा हो भी क्यों न। दरअसल ऐसे ही कुछ चुनिंदा लीगो ने हजारों करोड़ का बैंक घोटाला इस साल किया.

अब इस संबंध में स्वयं भारतीय रिजर्व बैंक यानी कि RBI ने कुछ चौंका देने वाले आंकड़े पेश किए है। इन आंकड़ो को देखकर आप हिल जाएंगे। आप सोचेंगे कि आखिर इतना घोटाला कैसे हो गया।

खैर हम विषय पे आते हैं और आपको आंकड़े के बारे में बताते हैं जिन्हें आरबीआई ने जारी किया है.

बता दें कि जारी किए आंकड़ों के अनुसार 2017-18 में धोखाधड़ी करने वालों ने बैंकों को 41,167.7 करोड़ रुपये का चूना लगाया.

Loading...

आपको जानकार आश्चर्य होगा कि यह पिछले साल 23,933 करोड़ रुपये से 72 % अधिक है. 2017-18 में बैंक धोखाधड़ी के 5,917 मामले सामने आए थे जो पिछले वर्ष के 5,076 मामलों के मुकाबले आधी हैं.

जाहिर है कि इन आंकड़े के मुताबिक ये तो साफ़ है कि धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है जो 2013-14 में 10,170 करोड़ रुपये से चार गुना हैं.

मालूम हो कि बैंकों ने इस वर्ष के दौरान अधिकतर साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज किये। जहां 2017-18 में 2,059 मामलों में 109.6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ जबकि पिछले वर्ष 1,372 मामलों के साथ 42.3 करोड़ रुपये था.

इस रिपोर्ट के मुताबिक इन धोखाधड़ी के मामलों में 50 करोड़ रुपये से बड़ी धोखाधड़ी का हिस्सा 80 % है. ध्यान देने वाली बात ये भी है कि पीएसयू बैंकों में एक लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के 93 % मामले दर्ज हुए.

जबकि इस संबंध में अगर हम निजी बैंकों की बात करें तो निजी बैंकों में इसकी 6 % हिस्सेदारी थी. पीएनबी धोखाधड़ी के बाद बैड लोन मार्च 2018 तक 10,39,700 करोड़ रुपये था.

अब रिज़र्व बैंक ने यह माना है कि धोखाधड़ी इस समय सबसे गंभीर चिंता का विषय बन गई है जिसका 90 % हिस्सा बैंकों के क्रेडिट पोर्टफोलियो में है.

अब देखने वाली बात होगी कि नए साल में आरबीआई किस तरीके से बैंकों के जरिए सख्ती दिखाती है जिससे कि बैंकों में हो रहे धोखाधड़ी के मामले रोके जा सकें.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.