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ये था सबसे भारत का सबसे लंबे सरनेम वाला क्रिकेटर, मात्र 17 वर्ष में किया था डेब्यू, आज है मशहूर कमेंटेटर

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भारतीय क्रिकेट में जहां तक कमेंट्री की बात है तो भारत का एक कमेंटेटर हम सब के बीच काफी प्रसिद्ध है और वो हैं चेन्नई के लक्ष्मण शिवरामकृष्णन.

जी हां, लक्ष्मण शिवरामकृष्णन एक मशूहर क्रिकेट कॉमेंटटर है। ये भारत के पूर्व क्रिकेटर भी रह चुके हैं। मालूम हो कि 80 के दशक में केवल 17 की उम्र में भारतीय टीम में अपनी जगह बनाकर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने सबको चौंका दिया था.

वैसे आपको बता दें कि ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि शिवा या एलएस के नाम से मशहूर लक्ष्मण भारत के सबसे लंबे सरनेम वाले क्रिकेटर हैं.

31 दिसंबर 1965 को चेन्नई में जन्मे लक्ष्मण शिवराम कृष्णन ने भारत की ओर से 9 टेस्ट खेले और 26 विकेट हासिल किए. उन्होंने टीम की ओर से 16 एकदिवसीय मैच खेले. इसमें उन्हें 15 विकेट मिले. प्रथम श्रेणी मैचों की बात करें तो उनहोंने 76 मैचों में 154 विकेट हासिल किए.

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रणजी में 7 विकेट लेकर मचाया था धमाल

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने वर्ष 1981-82 में रणजी में डेब्यु करते ही दिल्ली के खिलाफ एक मैच में 28 रन देकर 7 विकेट चटका डाले. और वो एकदम से सुर्खियों में छा गए.

उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उनका चयन टीम इंडिया में हो गया. मालूम हो कि उस समय सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में शामिल होने का रिकॉर्ड उनके नाम था.

इंग्लैंड के खिलाफ चमके थे शिवा

जानकारी के लिए बता दें कि 1984-85 में जब इंग्लैंड की टीम भारत आई तो मुंबई में खेले गए टेस्ट में शिवा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 12 विकेट अपने नाम किए. मालूम हो कि इस पूरी सीरीज में उन्होंने 23 विकेट झटके और वह मैन ऑफ द सीरीज रहे.

मालूम हो कि वर्ष 1985 में ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली टीम का हिस्सा भी शिवा रहे. इस चैंपियनशिप के फाइनल में शिवा ने पाकिस्तान के खिलाफ 35 रन देकर तीन विकेट लिए थे और भारत को जीत दर्ज कराई थी.

हालांकि इसके बाद उनका प्रदर्शन गिरता ही चला गया. अपने लगातार खराब प्रदर्शन की वजह से 1983 में पहला टेस्ट खेलने वाले इस खिलाड़ी ने 1986 में अपना आखिरी टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया में खेला. जहाँ तक आखिरी एकदिवसीय मैच की बात है तो बता दें

1987 में उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच खेला.

रिटायरमेंट के बाद शिवा ने कमेंट्री में अपना हाथ आजमाया और जल्द ही वो भारत के एक सफल अंग्रेजी कॉमेंटेटर बन गए. जानकारी के लिए बता दें कि साल 2013 में उन्हें आईसीसी की खिलाड़ियों की प्रतिनिधि कमेटी में भी शामिल किया गया था.

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