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Flashback 2018: इस साल 6,585 मामलों में पकड़ी गई 38,896 करोड रुपए की GST चोरी

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जब से केंद्र की मोदी सरकार ने जीएसटी बिल लागु किया है तभी से मोदी सरकार ने इस और भी खास तौर पे ध्यान दिया है कि इस में चोरी के जो भी छोटे बड़े मामले हो पकड़े जाएं और सरकार की नज़र से बचने में कोई भी कामयाब न हो पाए.

वर्ष 2018-19 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में 6,585 मामलों में जीएसटी चोरी की बात सामने आई। इन 6,585 मामलों में 38,896 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का पता लगाया है. जी हां, और इसके बारे में स्वयं सरकार ने यह जानकारी शुक्रवार को संसद को दी है.

दरअसल इस आंकड़े की जानकारी वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने दी. उन्होंने कहा कि 398 मामलों में 3,028.58 करोड़ रुपये के केंद्रीय उत्पाद शुल्क की चोरी हुई जबकि सात महीने की अवधि के दौरान 3,922 मामलों में 26,108.43 करोड़ रुपये की सेवा कर चोरी का पता चला.

शिव प्रताप ने कहा कि 12,711 मामलों में सीमा शुल्क की चोरी का पता चला, जिसमें 6,966.04 करोड़ रुपये के माल और सेवा कर (जीएसटी) की चोरी हुई, जिसमें 6,585 मामलों में 385.97 करोड़ रूपये का खुलासा हुआ है.

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वहीं अप्रत्यक्ष कर चोरी की बात करें तो अप्रैल-अक्टूबर के दौरान अप्रत्यक्ष करों (जीएसटी, सेवा कर, उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क) में चोरी की कुल राशि लगभग 75,000 करोड़ रुपये तक बढ़ गई.

जानकारी के लिए बता दें कि 7 महीने की अवधि के दौरान, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड यानि कि CBIC ने GST में 9,480 करोड़ रुपये, सेवा कर में 3,188 करोड़, सीमा शुल्क में 1,600.84 करोड़ और केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 383.5 करोड़ की चोरी बरामद की.

हालांकि राजनीती की बात की जाए तो मोदी सरकार द्वारा लागू किये गए जीएसटी पर कांग्रेस ने कई बार बीजेपी पर हमला बोला है और इसको पूर्णतयः सही नहीं बताया है.

यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में एक संशोधित जीएसटी का वादा करने के लिए तैयार है. इस मामले में पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर 2019 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार आती है तो वह जीएसटी के वर्तमान डिजाइन को बदल देगी.

जीएसटी पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम भी कई प्रश्न उठा चुके हैं. जी हां हाल ही में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सवाल उठाया था कि जीएसटी शासन के घोषित लक्ष्यों में बदलाव का कारण क्या था इसे बार -बार क्यों बदला जा रहा था.

उन्होंने कहा था कि, “कल तक जीएसटी की सिंगल दर एक मूर्खतापूर्ण विचार था. अब यह सरकार का घोषित लक्ष्य है. कल तक जीएसटी की अधिकतम सीमा को 18 प्रतिशत तक बांधना अव्यावहारिक था. मगर कल से कांग्रेस पार्टी की मुख्य मांग यानि 18 प्रतिशत कर सीमा सरकार का घोषित लक्ष्य है.”

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