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नए साल पर प्याज किसानों को सरकार ने दिया तोहफा, प्याज पर एक्सपोर्ट इंसेंटिव किया दोगुना

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फसल की उचित कीमत ना मिलने की समस्या से जूझ रहे प्याज़ किसानों को अब सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। हाल ही में एक किसान ने मंडी में प्याज बेच कर जो भी रकम मिली थी वह प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दी थी जिसके बाद प्याज किसानों का मामला बड़ी तेजी से उठा था इसी को देखते हुए आज सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (MEIS) के तहत प्याज किसानों को इंटरेस्ट सब्सिडी 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने के फैसले पर मुहर लगा दी। इससे किसानों को घरेलू मार्केट में प्याज की अच्छी कीमत मिलेगी।

घरेलू मार्केट में प्याज की कीमतों में आएगी स्थिरता
बता दें कि नई फसल की उम्र बढ़ने की वजह से प्याज की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जिससे प्याज किसानों को अपनी लागत भी नहीं मिल पा रही है। हालात को काबू में करने के लिए सरकार ने प्याज के निर्यात को प्रोत्साहन देने का फैसला किया है, जिससे घरेलू मार्केट में कीमतों में भी स्थिरता आएगी।

इंसेंटिव हुआ दुगना

अंतर्गत प्याज पर एक्सपोर्ट इंसेंटिव दोगुना बढ़ाकर 5 फीसदी से 10 फीसदी करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। जुलाई, 2018 से पहले ताजी प्याज पर एक्सपोर्ट इंसेंटिव नहीं दिया जा रहा था। जुलाई, 2018 के दौरान 5 फीसदी के एक्सपोर्ट इंसेंटिव लागू किया गया। अब इस बढ़ोतरी के साथ प्याज पर एग्रो-एक्सपोर्ट इंसेंटिव सबसे ज्यादा हो गया है। सरकार का ऐसा मानना है कि इन बड़े हुए इसेंटिव से प्याज किसानों को अपनी लागत निकालने में भारी मदद मिलेगी।

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इंसेंटिव बढ़ने से निर्यात बढ़ने की भी है उम्मीद

इससे पहले कॉमर्स मिनिस्टर सुरेश प्रभु ने प्याज एक्सपोर्टर्स के लिए इंसेंटिव दोगुना करने के लिए वित्त मंत्रालय से 179.16 करोड़ रुपए आवंटित करने का अनुरोध किया था। वित्त मंत्री अरूण जेटली को पत्र लिखकर प्रभु ने कहा था कि उनका मंत्रालय एमईआईएस के तहत निर्यात पर इंसेंटिव बढ़ाकर 5 फीसदी से 10 फीसदी करना चाहता है। भारत से वस्तुओं की निर्यात योजना (एमईआईएस) के तहत सरकार देश और उत्पाद के आधार पर शुल्क से जुड़े लाभ देती है। बता दें कि सुरेश प्रभु ने कहा कि इंसेंटिव बढ़ाने से प्याज के निर्यात को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है इसके साथ ही प्याज की कीमतों को घरेलू बाजारों में समर्थन देने के लिए भी इसकी जरूरत थी।

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