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2019 में दिखेगा इंजीनियरिंग का एक और नायाब नमूना, 3 देशों को भारत से जोड़ेगा ये हाईवे

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जल्द ही भारत में एक ऐसा हाइवे का निर्माण होने जा रहा है जो आधुनिक इंजिनीरिंग का एक नायाब उदाहरण होगा। इस हाइवे की सबसे रोचक बात ये है कि इस हाइवे से तीन तीन देश यानि की भारत, म्यांमार और थाईलैंड एक दूसरे के साथ जुड़ जाएंगे।

जी हां, तीन देशो को जोड़ने वाले इस हाइवे की लंबाई 1360किलो मीटर होगी। इस लंबे हाईवे के निर्माण में कमाल की इंजीनियरिंग का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। उधर भारत के लिए यह पुल न सिर्फ रणनीतिक बल्कि पर्यटन के लिहाज से फायदेमंद साबित होगा और साथ ही विश्व भर में इस हाइवे के चलते भारत की ख्याति में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

भारत में यह हाईवे नाॅर्थ-ईस्ट के विकास में एक बेहद ही अहम किरदार बनेगा और नार्थ ईस्ट के विकास का काफी बड़ा भागीदार होगा। बता दें कि यह हाईवे मणिपुर के मोरेह से म्यांमार के तामू शहर तक जाएगा। ज्ञात हो कि इस हाईवे को तीन हिस्सों में बनाया जा रहा है।

मालूम हो की इसके दो हिस्सों का निर्माण म्यांमार सरकार कर रही है। जहां तक इस हाइवे के बनने का प्रश्न है तो बता दें कि इस हाईवे को मात्र तीन साल में दिसबंर 2019 तक पूरा करने की डेडलाइन तय की गई है।

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2 हजार करोड़ का आएगा खर्च

अब ये तो जाहिर सी बात है कि अगर हे हाइवे इतना बड़ा एवं ख़ास होने वाला है तो इसके निर्माण में आने वाला ख़र्चा भी ख़ास ही होगा।

जी हां दरअसल विदेश मंत्रालय की तरफ से संसद में दी गई जानकारी के अनुसार इस हाईवे के निर्माण में करीब 2 हजार करोड़ रुपए तक खर्च आएगा। वहीं इस हाईवे का रास्ता 69 पुलों से होकर गुजरेगा।

खर्चे को बाँट करके अगर आपको एक आंकड़ा दें तो बता दें कि इन पुलों को बनाने में 371.58 करोड़ का खर्च आएगा जबकि हाईवे को बनाने में करीब 1459.29 करोड़ खर्च आएगा।

सबसे खास बात ये होगी इस हाईवे की कि इसके निर्माण से भारत से सीधे थाईलैंड तक का सफर रोड से तय किया जा सकेगा।

चीन के दबदबे को कमजोर करने की कोशिश

चीन को दबाने के लिए मोदी सरकार शुरू से ही कार्य करने में जुटी हुई है। दरअसल मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से ही नार्थ ईस्ट के राज्यों पर खास ध्यान दिया है। इसलिए मोदी सरकार ने लुक ईस्ट की नीति को अपनाया है। इसके तहत म्यांमार, थाईलैंड, वियतनाम जैसे देशों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की गई।

दरअसल ऐसा इसलिए भी किया गया है क्योंकि माना जाता है कि म्यामांर में चीन की काफी मजबूत पकड़ है। इसलिए भारत ने भी म्यांमार से दोस्ती बढ़ाकर चीन को चित करने का प्लान बना रखा है।

द्विपक्षीय मोटर वाहन समझौते पर लग सकती है मोहर

अटकलों की माने तो भारत और म्यांमार दोनों ही देश इस हाईवे पर आम नागरिकों की यातायात सुविधा को सरल बनाने के लिए एक समझौता कर सकते हैं।

इसके तहत दोनों देशों के वो नागरिक जिनके पास अपने देश को पासपोर्ट और वीजा हैं वो बिना किसी खास अनुमति के सीमा आर-पार जा सकते हैं। सबसे खास बात ये होगी की ये यात्रा वो सीधा हाइवे से कर पाएंगे।

बता दें कि इसके अलावा दोनों देशों के बीच बस सेवा भी शुरू हो सकती है। इसी संबंध में दोनों देश में द्विपक्षीय मोटर वाहन समझौते पर विचार हो रहा है। इससे व्यापार में भी काफी फायदा पहुंचेगा।

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